जय हर जंगो जय हर लिंगो...गोंडी धर्म गीत
ग्राम-उतनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से गायत्री एक गोंडी आरती सुना रही है:
जय हर जंगो जय हर लिंगो-
आरती पंकर के कोन-
जय पेरसा पेन जय पेरसा पेन-
रंगा सुर्ता धोती के सिवाती-
नीरू सीता अमर ज्योति-
तन मन धन के पंखडी गी कोन –
आरती पंखड गीकोन-
जय पेरसा पेन जय पेरसा पेन...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: AARTI GONDI SONG TELANGANA
कुमरम भीमू ना जन्म वाता बद देशे रोपो...गोंडी देशभक्ति गीत-
ग्राम-इन्द्रावेली, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से मिनाक्षी और श्रीदेवी जो स्कूल के बच्चे है वे लोग स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी कुमरम भीमू के ऊपर आधारित एक गोंडी गीत सुना रहे है:
कुमरम भीमू ना जन्म वाता बद देशे रोपो-
भारत देशना तेलंगना जोड़ना घटना रोपो-
बातन कीतनी वासीकुन रोपो-
मावा भूमि मावा येरे माके मन सितोड़-
अदे पेन क्रीस्त्ता भीमू...
Posted on: Aug 22, 2018. Tags: ADILALBAD GONDI SONG MEENAKSHI SHREEDEVI TELANGANA
अमा अमी सेयग सेकी,अमा अमी...गोंडी शादी गीत-
ग्राम-केश्लापुर, तहसील-इंद्रावेली, जिला-आदिलाबाद ( तेलंगाना) से चाकटी दसरू के साथ स्कूल के बच्चों ने गोंडी भाषा में शादी गीत सुना रहे है:
अमा अमी सेयग सेकी अमा अमी-
ओलेग वरे रा अमी सियेंग सीती रे-
माँ ओली सिलेंग सीती रा-
इमे ऐला ऐन्दी ला बाई-
ऐनदे इताबरो रे-
इनमे ऐला एनदे ओ बाई-
ऐनदे इता बदुमे – एनदा मंदालाय मांदी माके ...
Posted on: Aug 22, 2018. Tags: ADILABAD TELANGANA DASARU CHAHAkTI GONDI MARRIAGE SONG SONG VICTIMS REGISTER
चलो भाई जाना है झण्डा लहराना है...देशभक्ति गीत
ग्राम-पिट्टाबोंगरम, मंडल-इन्द्रावेली, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से वेट्टी अवधन एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
चलो भाई जाना है झण्डा लहराना है-
जलाकर दीप नया रोशनी भी लाना है-
क्यों भाई डरते हो नर वीर शूर होकर-
पीछे -पीछे रहते है क्यों आगे बढ़कर तो देखो-
जमाना किस रास्ते से चल रहा है उस रास्ते से चलना तो सीखो-
पीछे से वार हो रहा है अन्याय का जरा पलट कर तो देखो...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: ADILABAD TELANGANA HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER WETTI AVDHAN
गोंडी संस्कृति को बचाए रखने के लिए हम ढोलक, तबला, डेम्सा, डुलकी सिखा रहे है (गोंडी भाषा में)
ग्राम-नेटनूर, मंडल-सिरपुर, जिला-कुमरम भीमू (तेलंगाना) से गेडम मारोती के साथ में मेश्राम सेकु, आतरम देवराव और कनिका नागोराव बता रहे है कि गोंडी संस्कृति को बचाने के लिए उन्होंने बहुत सारे लोगो को ढोलक, तबला, डेम्सा, डुलकी बजाना सिखाये उसमे 16 प्रकार के डेम्सा ताल और 18 प्रकार के बाजा ताल 30 साल से सिखाते आ रहे है| जिससे हमारी संस्कृति बच सके | ऐसा वे गोंडी भाषा में बता रहे है| मारोती गेडम@9493950891.

