प्रीत लगा लो सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है...भजन गीत
ग्राम-कोढ़िया, पोस्ट-केरता, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से हिरमन पोया एक भजन गीत सुना रही है:
प्रीत लगा लो सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है-
जग में तुम क्या लेकर आये हो बन्दे, क्या लेकर तू जायेगा-
जग में देने वाला कौन, देंगे देने वाला भोला है-
प्रीत लगा लों सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है-
जग में तुम क्या लेकर आये हो बन्दे, क्या लेकर तू जायेगा...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: HIRMAN POYA SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट में रिकार्ड करने के बाद अधिकारी आये थे, बोला नलकूप लग जाएगा पर कुछ नहीं...
ग्राम-देवरी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया
बता रहे है कि वार्ड 1 में पानी की बहुत समस्या है. 2017 में सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड कराया था, उसके बाद अधिकारी जांच करने के बाद बोले थे कि नलकूप लग जायेगा परन्तु आज तक कुछ नहीं हुआ है| नदी तालाब कुएं से पानी ला रहे है, कुएं का पानी भी सूखने की कग़ार पर है, किलोमीटर दूर से अभी तालाब का पानी पी रहे है, जिसका पानी पीने से गाँव के बच्चे बीमार पड़ रहे है| इसीलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है. कृपया मदद करे: P.H.E@8120171919, S.D.O@9425254247, कलेक्टर@07775266117. पोया@9753553881.
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
पहले खूब जंगल और जानवर थे, खूब बारिश होती थी अभी जंगल ख़त्म, पानी का अकाल है...
ग्राम-सोनगारा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धनीलाल टेकाम अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बता रहे है कि हमारे यहाँ पहले बहुत घना जंगल हुआ करता था, यहाँ पर जंगली जानवर भी खूब रहते थे जैसे भालू, बघवा, टीटवा सभी, राजा यहाँ शिकार खेलने आते थे| लेकिन जैसे जैसे आबादी बढ़ती गई, जंगल की कटाई भी ख़ूब हुई, जिसके कारण जंगली जानवर भी धीरे-धीरे विलुप्त होते गए. बारिश बहुत होती थी कभी सात दिन लगातार. लेकिन अब हालात यह है कि धूप दिनों दिन आग उगल रही है, और बारिश भी कम हो गई, जंगल को सुरक्षित रखे ताकि आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रहे.
Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
नर हो न निराश करो मन को...कविता
ग्राम-नीलकंठ, पंचायत-गोरखी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
नर हो न निराश करो मन को-
कुछ काम करो, कुछ काम करो-
जग में रह कर कुछ नाम करो-
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो-
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो-
कुछ तो उपयुक्त करो तन को-
नर हो, न निराश करो मन को...
Posted on: Apr 18, 2018. Tags: JAGDEV PRASAD POYA SONG VICTIMS REGISTER
गाँव अंजनी के चारों और हरे भरे पहाड़ ऐसे हैं कि जैसे प्राकृतिक बाउंड्री वाल बना हुआ है...
कैलाश सिंह पोया ग्राम पंचायत गुर्गी के आश्रित ग्राम अंजनी में सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के दौरान पहुंचे है उनके साथ मध्यप्रदेश से आये गणेश आयाम है जो इस गाँव के बारे में बता रहे है कि यह गाँव प्रकृति की गोद में बैठा एक बहुत सुन्दर गाँव है चारो तरफ पहाड़ से घिरा हुआ है जैसे कोई बाउंड्री वाल है और यहाँ के लोगों की जीवन चर्यां इन्हीं पेड़ों से पूरी होती है जैसे महुआ, तेंदुपत्ता आदि. इस प्रकार के गाँव में सभी को एक बार आना चाहिए और इस प्रक्रति का लुफ्त उठाना चाहिए. ये बहुत सुन्दर गाँव है और यहाँ के लोग वन पर ही आधारित हैं आयर वन के सहारे ही जीते हैं यह बहुत मनोरम जगह है
