डोमकछ गीत : हीरो छोरा हीरो छोरी उड़ती में बेठी ना...
ग्राम-कोट्या, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकछ गीत सुना रहें है :
हीरो छोरा हीरो छोरी उड़ती में बेठी ना-
झिंगो तो बगला में रे फोटो खिचवालक-
झिंगो तो बगल में सोना फोटो खिचवा ले मेना-
हीरो छोरा हीरो छोरी उड़ती में बेठी ना-
तोला मोला दोनों झन ला तनी बुलाले होल-
हीरो छोरा हीरो छोरी उड़ती में बेठी ना...
Posted on: Oct 31, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ी गीत : बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल...
ग्राम-कोट्या, थाना-परतापुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल-
वोहू डोगरी मा सजन भाई मोर-
जान पारी तोला ले जाही का गा-
सगा मोला राउर के भईया वो-
बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल-
नरवा के तीर में फरे है लाली जाम-
बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल...
Posted on: Oct 17, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER
चिरिया ला कये गोटी मारों भाजी फुल...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, थाना, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
चिरिया ला कये गोटी मारों भाजी फुल-
मोर चढ़ती जवानी तीन गो चिरैया ला कये गोटी मारों-
करे मुखारी जामुन धार वो-
हमन घूमे ला बलाय हो हमर पारा-
चिरिया ला कये गोटी मारों भाजी फुल-
चिरिया ला कये गोटी मारों भाजी फुल...
Posted on: Oct 15, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बेनी फूला-फूले हवाई फूला फूले...सरगुजिया गीत-
ग्राम-कोटया, थाना-प्रतापपुर, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़ ) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया लीला गीत सुना रहे हैं:
बेनी फूला-फूले हवाई फूला फूले-
तुमनके सुरिता आंखी-आंखी झूले-
सियावर रामचंद्र की जय-
राम बर रामायण लेहे लक्ष्मण बर पत्रा-
सीतामाई बर लुगरा लेहे फूल धरी कांटा-
बेनी फूला-फूले हवाई फूला फूले...
Posted on: Oct 05, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SURAJPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
तय आ जाबे मैना, उड़ते-उड़ते तय आ जाबे...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, थाना-प्रतापपुर, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
तय आ जाबे मैना, उड़ते -उड़ते तय आ जाबे-
कुआ पार में रे संगी, संझा के बेरा कुआ पार में-
एक पेड़ आमा, छत्तीस पेड़ जाम-
मधुबन के चिरैया बोलते राम-राम-
धान ला लुवे उड़ेला कंशी-
भागवान के मंदिर में सुनाएं बंशी-
कुआ पार में रे संगी, संझा के बेरा कुआ पार में...
