पीड़ितों का रजिस्टर: हम नक्सल पीड़ित हैं गाँव छोड़ दिए हैं सरकार हमें मदद् नही कर रहा है...
ग्राम-चेमा, जिला-कोंडगांव, (छत्तीसगढ़) से जयमती कोर्राम बता रही हैं कि वे अपने गाँव से नक्सलियों के डर के कारण कोंडगांव विकास नगर में आकर रह रहे हैं| उन्हें और उनके पति को नक्सलियों ने जान से मार देने के धमकी दे रहे थे| इसलिए गाँव छोड़कर भागे हैं| वे यहाँ लगभग 11 साल से रह रहे हैं उन्हें सरकार राशन कार्ड के अलावा अन्य कोई सरकारी मदद नही किया है| वे चाहते हैं सरकार के प्रावधान अनुसार नक्सल पीड़ित परिवार को सरकारी दैनिक रोजगार मिले जिससे वे अपने परिवार के भरण-पोषण ठीक से कर सकें| वे अभी मजदूरी करके अपने घर चला रहे हैं| सम्पर्क नम्बर@7987678682. MS
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: CG KONDAGANV SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों के डर से शहर आये थे, यहाँ नौकरी देके फिर वापस ले लिए...
ग्राम-चान्गेर, ब्लाक-कोंडागांव, जिला-कोंडागांव ( छत्तीसगढ़) से सुखवती पति दुर्जन सिंह बता रही हैं कि गाँव में नक्सलियों ने उनके पति को बहुत परेशान किया करते थे, और जान से मार देनें के धमकी भी दिया करते थे| इसलिए वे 2007 में अपने गाँव से छोड़कर कोंडगांव (विकास पारा) में आकर रह रहे हैं| यहाँ सरकार ने उन्हें 2007 में ही गोपनीय सैनिक में नौकरी दिया था| 2011 में सहायक आरक्षक में प्रमोशन कर दिए और अभी 2020 में नौकरी से निकाल दिए हैं जिससे उनके जीवन में बहुत परेशानी है | वहां अभी कोई रोजगार नही है, दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन चला रहे हैं| वे सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं कि उन्हें उनका नौकरी फिर से दिया जाए जिससे वे अपने परिवार का भरण पोषण ठीक तरह से कर सकें | सम्पर्क नम्बर@6260653034. MS
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: CG KONDAGANV SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: पुलिस ने बिना कारण ही गाँव के 17 लड़कों को जेल में बंद कर दिया था...
ग्राम-कुरसेल, ब्लाक-अन्तःगढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मंगू राम मांडवी बता रहे हैं कि हमारे गाँव को पुलिस ने लगभग चार बजे रात घेराव करके घर-घर जाकर गाँव के 17 नौजवान लड़के मेहतर राम आचला, मान सिंह मांडवी, सुरजू मांडवी, बिरजू मांडवी, सुरेन्द्र मांडवी, राजेंद्र मडावी, कलार राजेंद्र मांडवी, रतन आचला, सोमनाथ दररो, भारत, सेठिया, अर्जुन अचलां, ऐत्वारू आचला, ये सभी को पुलिस ने पकड़कर अन्तःगढ़ थाने में ले गये और वहां से भानुप्रतापपुर, उसके बाद कांकेर जेल में ले जाकर बिना कारण ही बंद कर दिया| पुलिस से अधिक बार कारण पूछने पर भी नही बताया| इसके दौरान अधिक पैसे भी लगे, उन्हें सरकार ने अब तक कोई मदद नही किया| गाँव के कुछ लोगों से उधारी पैसे लेकर जमानत में जेल से छूटे हैं|
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: ANTAHGARH CG KANKER SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
वनांचल स्वर: जंगल देते स्वाद और स्वास्थय साथ साथ...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) प्रेमलाल कोमरा बताते हैं कि इमली के बीज को आग में भूंजकर उसमें महुए के फूल को डालकर पकाते हैं| तैयार हो जाने पर खाते हैं और बाज़ार ले जाकर बेच देते हैं| सरई के फूल को भी इमली के बीज की तरह भूंजकर उसमें महुइ के फूल को डाला जाता है, इसे मैंने भी खाया है| कांदा जो जंगल में पाया जाता है, इसे घर में नहीं रखा जाता है| कांदा स्वाद में बहुत कड़वा होता है, इसे भी पकाया जाता है, कांदा को अभी भी खाया जाता है| प्रेम लाल महुए के लड्डू के भी बारे में बताते हैं, महुए को सिलबट्टे या मिक्सी से पीसकर बनाया जाता है| ये सभी स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं जैसे इमली भूने हुए बीजों को खाने से पेट का मल साफ़ होता है|(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: CG KANKER PREMLAL KOMRA VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कोरोनकाल में जड़ी बूटी देकर की लोगों की मदद...
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) वीरसिंह पड्डा बताते है की कोरोना महामारी में शहरों में उत्पन्न हुआ और लोगो में फैला। मैने सुबह शाम गिलोय, उषा और तुलसी पत्ती से जड़ी बूटी बनाकर पिया। मैने गांव के लोगो को मुफ्त गिलोय भी दिया। जंगल की हवा और पानी साफ है, शहर का प्रदूषित इस वजह से शहरों में ज्यादा फैला। गांव का हवा पानी जलवायु साफ है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगो कि प्रतिरक्षा शक्ति अच्छी है। हम लोगों ने जड़ी बूटियों का संभाल कर इस्तेमाल किया। कई जड़ी बूटियां विलुप्त होने के कगार पर भी हैं जिसको बचाना मेरे अकेले के लिए मुश्किल है। जो लोग शहर से आए थे उनको भी इन जड़ी बूटियों से फायदा हुआ।(RM)
