धरती कहे अम्बर से मुझे छूलो अपने मुकद्दर से...कविता-
कन्हैयालाल पडियारी ग्राम-तमनार जिला-रायगढ़ छत्तीसगढ़ से एक कविता सुना रहे हैं:
धरती कहे अम्बर से मुझे छूलो अपने मुकद्दर से-
मेरे पास समंदर हैं अपना प्यास बुझालो-
बादल बनके छा जाओं फिर बूँदे बनकर बरसो-
और धरती माता की प्यास बुझाओ-
तरस रही है धरती माता बूँदों की बौछार करो-
हरियाली राह देख रही हैं तुम्हारे आने की – पलके बिछाई उम्मीदों की दीप जलाकर-
पूरा करो दो उसकी तमन्ना जो भी कर सकते हो...
Posted on: Mar 08, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे...होली गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक होली गीत सुना रहे है:
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे,
कोई कहे काला रे, कोई कहे काला रे-
मेरा मन प्रेम पुजारी, कोई कहे नन्दलाला-
कोई कहे यशोदा बाला, कोई कहे प्रेम पुजारी,
कोई कहे दही चोर,कोई कहे, माखन चोर-
कोई कहे नन्द गोपाला, कोई कहे मथुरा वाला-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे-
कोई कहे गिरिधारी, कोई कहे बन्सीधारी-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे...
Posted on: Mar 06, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
कलम कमाई खाते है, नहीं लेते है घूस...व्यंग्य रचना
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे है:
कलम कमाई खाते हैं, नहीं लेते है घूस-
पान गुटखा खाकर हँसते रहते मुच-मुच-
अरे पाप पुण्य को कौन देखता है-
अभी तो कुछ कर दो-
बाद में कौन देखता है अभी तो घर भर लेने दो-
समय पल दो पल की मेहमाँ है-
उसे हाथ से न जाने दो-
अभी तो सुनहरा मौका है-
अपना जेब भर लेने दो...
Posted on: Mar 06, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों के औषधीय गुण-
सर्फिंन पौधा के पत्ते काटे-काटे से होते है, पीला-पीला फूलता है उसके डोप को तोड़ने से पीला रंग का तरल पदार्थ निकलता है, जिस किसी को मुह में छाले पड़े हो तो उसको लगाने से तीन दिन में छाले ठीक हो जायेंगे. (२) बनसुनसुनिया होता है श्वास, दमा के रोगी उसकी माला को गले में पहनने से दमा ठीक होता है. (३) तुलसी के पत्तो का काढ़ा पीने से सर्दी खांसी, ज्वर ठीक होता है. (४) किसी को सांप ने काटा हो तो चोखन्डी नाम का पेड़ होता है, उसके रस को पीड़ित व्यक्ति के नाक, कान में डालने से वह व्यक्ति बेहोश नही होता है. ऐसे ही कई वनस्पति औषधीय गुणों से भरे पेड़ पौधे हमारे आस पास होते है जिनको जो जानते है वो उपयोग भी करते है. कन्हैयालाल पडियारी@9981622548
Posted on: Mar 05, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: ब्राह्मणी के पत्ते और पीपल की छाल के औषधीय गुण -
ग्राम-तमनार, जिला -रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे है. वे कह रहे हैं कि ब्राह्मणी एक पौधा होता है वह नदी के किनारे मिलता है या जहाँ पर पानी होता है। ब्राह्मणी पत्ता छोटे बच्चो को 5 से 6 पत्ते 2 दिन में दो बार सुबह और शाम को और बड़े उम्र के लोगो के लिए 2 बार 10 से 20 पत्ते, बुजुर्ग लोगो को दिन में तीन बार दीजिये इससे मस्तिष्क ठीक रहता है, याददाश्त तेज रहती है और ह्रदय रोगी को भी फायदा होता है, (2) पीपल की छाल को पीसकर चाय जैसे दिन में दो बार नियमित लेने से जिन महिलाओ को गर्भ धारण नही होता है उससे गर्भवती हो जाती हैं. यह लगभग एक साल तक नियमित सेवन करना चाहिए। इसका कोई दुष्परिणाम नहीं होता। कन्हैयालाल पडियारी@9981622548
