वनांचल स्वर : वनों को बचाने में वन समितियों का योगदान...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल कोमरा वन सरंक्षण समिति के बारे में बता रहे हैं| वनों में स्थित पेड़ों की कटाई पर नज़र रखते हैं| जो लोग पेड़ों को काटते हैं हम उन लोगों पर जुर्माना लगाते हैं| हमारे गाँव में वृक्षारोपण कर्मचारी आए थे और वृक्षारोपण करके गये थे, हम लोग उन पौधों की देखभाल करते हैं| हमारी समिति का काम जंगल में लगने वाली आग को भी फैलने से रोकना है| इस कार्य में हमारी सबसे बड़ी मदद मोबाइल करता है जिस पर हम सभी जुड़े हैं| आग को रोकने क लिए समिति परम्परांगत तरीकों का इस्तेमाल करती है| समिति वृक्षारोपण भी करती है जिसमे भेलवा, बांस, खम्हार और भी कई तरह् के वृक्ष लगाती है| (RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: CG KANKER PREMLAL KOMRA VANANCHAL SWARA
कौनो मोला संतोष कुमार कैते...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से मुकेश कुमार केवट छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं:
कौनो मोला संतोष कुमार कैते-
कोनो कैथे एस के पटवार-
अरे ओ कलेज जानी वाली-
बता दे तोरे नाम-
कोलेज के टुरी वैरागे संगी...(RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: CG SONG
सुन ले ओ दीदी नो हैं ना बारी...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण माली छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
सुन ले ओ दीदी नो हैं ना बारी-
सुन ले गा भैया नो हैं ना बारी-
रहते गौरी गणेश गा-
मोर छत्तीसगढ़ के अचरा मा...(RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: CG SONG JANJGIR CHAMPA
वनांचल स्वर : कोशम के पेड़ में लाख की खेती...
ग्राम-कवाची कटेल, ब्लाक-दुर्गकोंदल, तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार नेताम बता रहे हैं कि ये लोग पूर्वजों के समय से जंगलो में रहते हैं आदिवासी हैं और कोशम के पेड़ो में लाख लगाते हैं, 40 से 50 घर के लोग लाख की खेती करते हैं| एक आदमी एक साल में लगभग 20 से 25 किलो लाख बिक्री करते हैं, एक किसान लाख की खेती से कभी 5 हजार रूपये, कभी 20 हजार रूपये, 50 हजार रूपये कमा लेते हैं| इसी पैसे अपना जरुरतों को पूरा करते हैं, लाख की साल में 2 बार कटाई होती है| गाँव के लोगों को लाख की खेती करने से बहुत लाभ होता है| सम्पर्क:- 9407611048 (RM)
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG KANKER RAJKUMAR NETAM VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर- आदिवासी त्योहारों में वन से मिली औषधियों का महत्व...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सरत, साथ में गाँव के गायता कि वो नाग पंचमी पर वनों में मिलने वाले पेड़ों से, जड़ो से आदि से औषधियां बनाते हैं| पाड़ जली नामक औषधि से बुखार ठीक होता है, अब लोग अस्पताल जाने लगे हैं, पहले ऐसा नहीं था लोग हमारे पास ही आते थे इलाज के लिये| खेतो में दस्मूर कांदा और उसमें कई तरह की औषधियां मिलाकर गाय को पिलाते हैं| जानवरों को यह औषधियां पिलाने क बाद वो स्वस्थ्य रहते हैं| (RM)
