हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा...गीत-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक गीत सुना रहे है :
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
शहरों पर की निगाह पर हा ग्रामीणों का प्यारा-
इन्सान हो बराबर कोई नीच न कहाए-
ये जन करके तुन्हें हर जन वचन उचारा-
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
ग्रामो की उन्नति हो उद्योघ ग्रामो का हो-
सबके लिए ही तूने अभिमान देश क हो ...(184433)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: CG HINDI SONG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
तैंय कैसे होबे रे सतरंगी जोड़ी मोर...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से सम्पत लाल यादव छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं: अपने संदेशो को रिकोर्ड करने के लिए 08050068000 मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (RM)
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: CG CG SONG JANJGIR CHAMPA
हाय रे हाय हाय हमार छोटा नागपुर...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लालो कुमारी छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
हाय रे हाय हाय हमार छोटा नागपुर-
बड़े सुन्दर लागे ला-
हाय रे हमार छोटा नागपुर-
बड़े झका-झक लगे ला-
बड़े सुन्दर लागे ला...(RM)
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: BALRAMPUR CG SONG
पीडितो का रजिस्टर : मुझे पुलिस वालो ने 15 साल तक जेल में रखा था, मारपीट किये कोई मदद नहीं मिली...
ग्राम पंचायत-आतुरबेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तिसगढ़) से शानिराम नुरेटी बता रहें है कि पुलिस वाले ने उन्हे जेल ले गए थे और उनके घर में पूर्वज का एक बंदूक था पहले के दादा पूर्वजों ने घर का देवी देवता मानते थे उसको भी थाना में जमा किए मारपीट किये पैसा जमा करवाये जेल से आने के बाद पेशी 15 साल तक जेल गए थे उस समय उनके पत्नी 2 बच्चे और उनकी मां थे कोई कमाने वाले नहीं था | उनके घर के लोगो ने लोन लेकर के उनके घर वाले ने जेल से छुड़ाया अभी तब उनको लोन है उस समय 28 साल का था उनको कोई प्रकार से सरकार के तरफ से मदद नहीं मिली है सभी साथियों से मदद कि अपील कर रहें है| संपर्क@7646869560.
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: CG KANKER SHANIRAM NURETI VICTIM REGISTER
वनांचल स्वर: परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं...
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं। मोदे गाँव में पहले परांपरगतढंग से खेती का प्रचलन था। यह इलाका नदी किनारे बसावट वाला है। यहाँ जंगल से आने वाला पानी जमीन में बैठकर जमीन को उपजाऊ बना चूका है। यहाँ खेती करने के लिए किसी प्रकार की खाद की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। मनोज के पूर्वज जमीन से पानी निकालने के लिए लकड़ी का ‘टेढ़ा’ बनाते थे। परन्तु आज खेती करने वाले लोग खाद का इस्तेमाल करते हैं। मनोज के मुताबिक इसका कारण यह हो सकता है कि देशी बीज के इस्तेमाल में कमी आई है। आधुनिकरण के कारण किसान अब कम समय में ज्यादा खेती करना चाहते हैं। सम्पर्क:- 9479070321, 6268684544 (185674) GT
