महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को...भजन-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम की नगरी अयोध्या है, श्री कृष्ण की नगरी गोकुल-
महदेव के नगरी कैलाशपुरी भंगिया मत देना गवारन को-
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्रीराम के पत्नी सीता है, श्री कृष्ण के पत्नी राधा है-
महादेव की पत्नी पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम का भोजन वन फल है, श्री कृष्ण की भोजन माखन है...

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: MANDAKNI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

बारातों पाके लदरी-बदरिया कहुआं हलोरे डार...विवाह गीत

ग्राम-रामपुर, ब्लॉक- पौड़ी उपरोड़ा, जिला-कोरबा, छत्तीसगढ़ से सरला श्रीवास गाँव की महिलाओं से स्थानीय भाषा में एक गीत रिकॉर्ड करवा रही हैं. गीत शादी के समय जब मंडप बनाया जाता है तब गाया जाता है:
बारातों पाके लदरी-बदरिया कहुआं हलोरे डार-
भले गाला जुड़ि गए कहुआं हलोरे डार-
उछड़ि-उछड़ि कहुआं हम चढ़ी बैठी-
चलि जाबे दाई-दादा के देश...

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: SARLA SHRIVAS SONG VICTIMS REGISTER

रे रे लोया रेला रे रे लोयो रे रे लोयो रे रे लोया रे रे ला...गोंडी लोकगीत

ग्राम-दरभाटोला,तहसील-भामरागढ़,जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से श्यामलाली, सुमिता अनिता, सुनीता, शांति गोंडी भाषा में आदिवासी लोकगीत सुना रहे हैं :
रे रे लोया रेला रे रे लोयो रे रे लोयो रे रे लोया रे रे ला-
गिलिर-गिलिर टोंढा मोदोल लेवा टोंढा येलो कोया काय-
पिल्ला पुगार लेवा काया,वाडा इंगा व्यका वाडा इंगा येलो...

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: SONG Sukhranjan Usendi VICTIMS REGISTER

हो जोहार-जोहार फतवा, मुंडिया नीके जोहार लागे रे...गोंडी गोटुल गीत

ग्राम-कूरमावेड़ा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से सुखरंजन उसेंडी गाँव के युवक-युवतियों द्वारा गोटुल में नृत्य के दौरान गाए जा रहे गोंडी गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. गीत में आदिवासी समाज के युवक-युवती अपने देवताओं की स्तुतिगान कर रहे हैं :
हो जोहार-जोहार फतवा, मुंडिया नीके जोहार लागे रे-
हो जोहार-जोहार फतवा, मुंडिया नीके जोहार लागे रे...

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: Sukhranjan Usendi

हरे रामा पिया गये परदेश, ना आये पाती रे हरे...कजली विरह गीत-

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक कजली गीत सुना रही हैं :
हरे रामा पिया गये परदेश, ना आये पाती रे हरे-
मोहे समझावें, समझावें ससुराल-
के बहु मोरो धरो ह्रदय में धीर ललन घर आएंगे हरे-
जेठा मोरी मोही समझावें, समझावें जेठी-
कि बहू मोरो धरो ह्रदय में धीर भईया घर आएंगे हरे-
ननदी मोरे मोही समझावें, समझावे ननादोई...

Posted on: Jul 27, 2018. Tags: MANDAKNI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

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