वनांचल स्वर : कुदरुम से सर दर्द और मुंहासे का घरेलू इलाज़ -
ग्राम-अमृतपुर पुरेना, तहसील-नानपारा, ब्लाक-मिहींपुरवा, जिला-बहराइच, (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाह आज वो कुदरुम के खेती के बारे में जानकारी दे रहे है, कुदरुम एक सब्जी बनाने वाला फल है इसे अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर तीन माह में बोया जाता है और इस फल से मिठाई भी बनाई जाती है| इसकी खास बात यह है कि हफ्ते में 6 दिन खाने से सिर दर्द खतम हो जाता है और 10 दिन तक कच्चा फल खाने से मुंहासा रोग भी नष्ट हो जाता है| हमारे उत्तरप्रदेश में हर घर में कुदरुम की खेती करते है और इसकी कीमत 50-60 रूपये किलो है | इसलिए जितने भी सीजीनेट सुनने वाले साथी है उन लोगो से वे अनुरोध कर रहे है कि आप लोग भी कुदरुम बोए और खाए. केदारनाथ कुशवाह@8933912743.
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: KEDARNATH KUSHWAHA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: लाख जिससे चूड़ी और कांच बनता है उसे हम जंगल से लाकर बाज़ार में बेचते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ब्लाक-दुर्गकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) के दुर्गूकोंदल बाज़ार में है वहां से गणेश सिंह आयाम के साथ में वहां के एक बुज़ुर्ग रिदुराम जी हैं वे बता रहे है कि उनके पास लाख है उसको जंगल से तोड़कर लाये है और उसका कांच और चूड़ी बनता है और यह कोशुम के पेड़ में पाया जाता है वे लोग 190 रूपये में गाँव के लोगों से लेते है और बाजार में 192-193 में बेचते है बता रहे है और लाख सिर्फ ठंड के मौसम में ही मिलता है |इसे ग्रामीणों द्वारा कुसुम के पेड़ पर लगाया जाता है और उसे तोड़कर ठण्ड के मौसम बेचते है वे बोल रहे है कि आप लोग भी लाख लगाइए और उसका फायदा उठाएगा. गणेश आयाम@9754186921.
Posted on: Dec 09, 2017. Tags: GANESH AYAM SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुए के फल और फूल से वनवासी को भोजन, दवा, तेल,आय सब कुछ मिलता है...
भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार दोहरे वनोपज देने वाले एक पेड़ के विषय में बता रहे हैं वे बता रहे हैं महुवा एक ऐसा पेड़ है जिसके फूल और फल दोनों का उपयोग किया जा सकता है, वनों में निवास करने वाले आदिवासी उस पेड़ के फूल का उपयोग शराब बनाकर दवा के रूप में प्रयोग करते है लेकिन इसका ज़्यादा सेवन करने से इसके दुष्परिणाम भी होते है. महुवे को चने के सांथ फरा बनाकर खा भी सकते हैं. उसके फल से तेल निकाला जाता है जिसे सर्दी के मौसम में शरीर को कोमल रखने के लिए उपयोग में लिया जाता है. इसके खली से मुह के छाले का इलाज किया जाता है सांथ ही तेल का उपयोग दिये जलाने में कर सकते है गाँव के निवासियों का ये आय का एक अच्छा साधन है |राकेश कुमार@9617339569.
Posted on: Dec 06, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
Vananchal Swara Bultoo(Bluetooth) Radio in Chhattisgarhi: 6th Dec 2017...
Today Sarla Srivas and Babulal Neti are presenting Bultoo Radio in Chhattisgarhi language in this latest edition with stories from forest areas in Kanker district of Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Dec 06, 2017. Tags: BABULAL NETI SARLA SHRIWAS SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम के औषधीय गुण और उपयोग-
ग्राम-तडहू, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बलीराम कतलामी नीम के औषधीय गुणो के बारे में बता रहे हैं, नीम बहुत तरह की बीमारी दूर करने में सहायक होता है, इसके छाल से साबुन बनता है, इसे दातुन के लिए भी उपयोग में लाया जाता है, उनका कहना है दातून करते समय नीम का रस हमारे शरीर में चला जाता है, जिससे जहरीले जीवो के काटने पर कम असर होता है, नीम के पत्ते को गर्म कर नहाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, ऐसा करने से शरीर के फोड़ा फुंसी में लाभ मिलता है, उसका गर्म पानी पी भी सकते हैं, इस तरह से नीम का अलग- अलग तरह से प्रयोग हम सभी अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए कर सकते हैं : अमर मरावी@9754684672.


