वनांचल स्वर: बंजर भूमि में भी कम लागत में, कम मेहनत से लाख से अच्छी कमाई की जा सकती है...

ग्राम-चौड़ी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंदन कुमार साहू बता रहे है कि बंजर भूमि में भी लाख की खेती से कम लागत में अच्छी आय कर सकते हैं वे दिखा रहे हैं कि यह सेमियालता का पौधा है और उसमे लाख कीट का संचालन किया जाता है और इसमें उत्पादन अच्छा होता है और आजीविका के लिए अच्छा साधन है सेमियालता बंजर भूमि में भी उगता है और एक साल बाद उसमे कीट का संचालन कर सकते है और साल में दो बार काम मेहनत में फसल ले सकते हैं यह खेती कम समय कम लागत में कर सकते है ये पौधा नाइट्रोजन गैस भी छोडती है इससे मिटटी की उपज अधिक बढ़ जाती है इसमें कीट कोमल डाली में लगती है लाख की दो वेराइटी होती है कुष्मी और रंगीनी।

Posted on: Dec 20, 2017. Tags: MAHENDRA UIKEY SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : यहां ग्रामवासी तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा बेचकर अपना जीवन यापन करते है...

ग्राम-घोडाखुर्री, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अगनुराम खड़हे स्थानीय माध्यमिक शाला के प्रधान अध्यापक है. वे बता रहे हैं कि स्कूल की शुरुवात उनके ही द्वारा 1983 में हुई. घोडाकुर्री गाँव का नाम क्यों पड़ा उसके बारे में जानकारी दे रहे है. बुजुर्ग लोगो के अनुसार यहाँ पर घोडा के पैर का एक चिन्ह था उसके कारण इस गाँव का नाम घोडाकुर्री नाम पड़ा है अभी वर्तमान में वो चिन्ह नहीं है मिट गया है. गाँव की जनसँख्या लगभग 350 है. पूरा गोंड आदिवासी गाँव है और उनका जीवन यापन का साधन खेती बाड़ी और वनोपज है | वनोपज में तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा, इस सबको समय-समय पर सीजन के आधार पर एकत्रित करते है उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है

Posted on: Dec 17, 2017. Tags: AGNURAM KHADHE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : गले एवं मुंह के छालो का घरेलू उपचार -

भोरमदेव वन आंचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू मुहं में छाले पड़ जाते है और गले गर-गर लगता है आज उसके घरेलू इलाज के बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि एक लोटा कुन कुना गरम पानी में एक चम्मच नमक डालकर कुल्ला करके पानी को बाहर फेक दें, मुहं में छाला है तो फिटकरी ले लेवे छोटा सा और उसको चूसते रहने से गला के छाला, मुहं के छाला, जीभ के छाला को तत्काल दो दिन में राहत पहुंचाता है और टमाटर का जूस इसमें विटामिन c की मात्र कैल्शियम एकोलाईट की मात्रा रहता है टमाटर के जूस को एक कप ले उसमे दो चम्मच मिश्री मिलाकर छानकर उसे 5 दिन तक पीये इससे भी इस समस्या में बड़ी राहत मिलती है| अमित साहू@8964931287.

Posted on: Dec 16, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : बांस की लकड़ी और सन की रस्सी से बना कांवड़ आदिवासी का पिक अप वैन है...

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-अमोड़ी, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से बाबूलाल नेटी गाँव के रामप्रसाद जी से कांवड़ बनाने के बारे में बात कर रहे है वे बता रहे हैं कि कांवड़ को बांस की लकड़ी और सन की रस्सी से बनाया जाता है और उसके बीच में टोकनी रखी जाती है और वो गाँव के लोगों के बहुत काम में आता है जैसे इसकी मदद से मिटटी, पत्थर, अनाज ये सब लम्बी दूरी तक इसमें ढो सकते है और इसको महिला पुरुष दोनों इस्तेमाल में ला सकते है यह व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर है पर इसमें 40-50 किलोग्राम तक सामान आराम से ढो सकते है आदिवासी इलाकों में ग्रामीण अक्सर इसको बाजार भी लेकर जाते है. बाबूलाल नेटी@9713997981.

Posted on: Dec 15, 2017. Tags: RAMPRASAD ANTAGADH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: कोसा की खेती से किसान एक एकड़ में प्रति माह 20 हज़ार रू तक कमा सकते हैं...

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज शहीद वीरनारायण श्रद्धांजलि मेला राजाराव पठार, जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) में है वहां से बाबूलाल नेटी चोवाराम निषाद के साथ बात कर रहे हैं जो बता रहे है वे ग्राम-सददो, तहसील-तिल्दा जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ के निवासी हैं वे रेशम का काम करते हैं रेशम के कीट को कौहे के पेड़ में पाला जाता है इसी से वे अपना जीवन यापन करते हैं दूसरी जगह नही जाना पड़ता है वे कह रहे हैं कोसा बहुत उपयोगी चीज है इससे चमकदार साड़ी और कई कपड़े बनते हैं एक एकड़ में 20 हजार रूपए तक मासिक कमा सकते हैं कोसे की खेती करने के लिए रेशम कार्यालय आमापारा रायपुर में इसका बीज प्राप्त कर सकते हैं | आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर इसे व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं

Posted on: Dec 12, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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