गांव हमारा-गांव हमारा, गांव हमारा राज...आदिवासी जागरूकता गीत
पेसा कानून 1996-हमारा गांव हमारा राज पर आदिवासी जागरुकता गीत
सुनील कुमार, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुना रहे हैं:
गांव हमारा गांव हमारा ,गांव हमारा राज-
लोकतंत्र हैं हमारे क्षेत्र में और हैं स्वराज-
परंपरा संस्कृति की रक्षा करना हैं हमारा अधिकार-
स्थानिय विवादो को सुलझाना हैं हमारा अधिकार-
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना हैं हमारा अधिकार-
विकास योजनाओ की स्वकृति देना हैं हमारा अधिकार-
खनन के लिए लाइसेंस देना हैं हमारा अधिकार-
भूमि अधिग्रहण के मुद्दो पर हैं हमारा अधिकार-
गांव हमारा...
Posted on: Jun 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कईल हम कौन कसूर नैनवा से दूर कईले गुरु जी...गुरु भजन
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से इंदु देवी एक गुरु भजन सुना रही हैं :
कईल हम कौन कसूर नैनवा से दूर कईले गुरु जी-
पहिला कसूर कईले दया नहीं मंगले-
भईल हमरा से भूल नैनवा से दूर कईले गुरु जी-
दूसरा कसूर कईले चर्चा न कईली-
तीसरा कसूर कईली न मन न जपली-
कई दियो हुके माफ़ हो गुरु जी-
कईल हम कौन कसूर नैनवा से दूर कईले गुरु जी...
Posted on: Jun 08, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सत्य के मुंह पर जब भी ताले होते हैं...गजल
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश सुगम कटारे की गज़ल सुना रहे है :
सत्य के मुंह पर जब भी ताले होते हैं-
अच्छाई के देश निकाले होते हैं-
हुई ज़रा बरसात उफनने लगते हैं-
छोटे जितने नदिया नाले होते हैं-
लुका छिपी का खेल वही कर पाते हैं-
आज सियासत है ऐसे ही लोगों की-
जिनके तन उजले,मन काले होते हैं...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हम बच्चे सब मिल जुलकर पढ़े-पढ़ायें...बाल गीत
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से शिक्षाप्रद बाल गीत सुना रहे हैं:
हम बच्चे सब मिलजुलकर पढ़े-पढ़ायें-
पढ़े-पढ़ायें सबको सिखाएं-
आस-पास के वातावरण से
कुछ सीखे कुछ सिखाएं-
आपस में हम मेल बढ़ाएं-
सबको हम अपनाएँ-
हम बच्चे सब मिलजुलकर पढ़े-पढ़ायें-
पढ़े-पढ़ायें सबको सिखाएं-
आस-पास के वातावरण से
कुछ सीखे कुछ सिखाएं-
आपस में हम मेल बढ़ाएं-
सबको हम अपनाएँ-
हम बच्चे सब मिलजुलकर पढ़े-पढ़ायें...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
घो घो रानी ,घो घो रानी...बाल खेल गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक खेल गीत सुना रहे हैं:
घो घो रानी, घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी, घो घो रानी-
घुट्टी भर पानी, घुट्टी भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
ठेहुना भर पानी ठेहुना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
डाँर भर पानी डाँर भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
गर्दन भर पानी गर्दन भर पानी...

