वनांचल स्वर : सड़क नहीं है तो हम लोग जंगली देशी जड़ी-बूटियों से बीमारियों का इलाज करते है...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू दुग्गा बता रहे हैं कि उनके गाँव में रोड और नदी पर पुल नही है आने जाने में बहुत परेशानी होती है बीमार हालत में अस्पताल जा नही पाते हैं, इसलिए अधिकतर वे अपने इलाज जंगली जड़ी-बूटी से करते हैं, गाँव में अनेक तरह के गुनिया, वैद्य हैं जो अलग-अलग बीमारियों का इलाज करते हैं| उन्ही के पास से देशी उपचार करवाते हैं, जैसे सांप, बिच्छु, मलेरिया, पेट में दर्द, सर्दी खांसी का पूरा इलाज देशी जड़ी-बूटी से करते हैं इनका असर नहीं होने से अंगरेजी दवाइयों का उपयोग करते हैं, ये सभी औषधीय पेड़-पौधे हमारे जंगल में ही मिल जाता है उनकी सुरक्षा करनी चाहिए...

Posted on: Sep 07, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER KOELIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...कुडुक भाषा में गीत

ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से निर्मला, बेरनादी टोप्पो और जयमंत एक्का उरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालो निला सैली कालो तो भूले रत कालो-
भैया-बहिन सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालोत निला सैली कालोत तो भूले रत कालो
संगी साथी सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...

Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG KANKER KOELIBEDA KUDUK ORAON SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : वनों से प्राप्त चीजों के उपयोग के सांथ साथ हम ग्रामीण वन का संरक्षण भी करते हैं...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोदू दुग्गा सीजीनेट के अमर मरावी को बता रहे हैं कि हमारा गाँव वनों से घिरा है, वनों से जड़ी बूटी, दवाइयां, तेंदू पत्ता, चार, खाने के लिए 50 से भी ज़्यादा प्रकार की सब्जी आदि चीजें प्राप्त करते हैं, साथ ही घर बनाने के लिए बांस, लकड़ी भी प्राप्त करते हैं, कई बार गांव के लोग बाजार नही जा पाते तब वे वनों से प्राप्त चीजों का ही खाने में सब्जी के लिए उपयोग करते हैं, गाँव में लोग वन का उपयोग ही नही करते बल्कि उसका संरक्षण भी करते है, इसके लिए वनों को उपयोग करने के लिए स्थानीय संगठन द्वारा लोगों के लिए एक दायरा तय रहता है और उसी क्षेत्र में लोगो को काम करना होता है |

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: AMAR MARAVI CHHATTISGARH KANKER SODYU DUGGA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

गोंडी संस्कृति के अनुसार जब युवती को मासिकधर्म हो रहा है वह उस समय गोटुल में नहीं जा सकती...

ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बस्तुराम भोगा, जुन्गुराम आचला, सीताबाई, हिन्दूबाई, सेवंता और छन्नोबाई गोंडी भाषा में गोटुल संस्कृति के बारे में जानकारी बता रहे हैं |गोटुल में क्या-क्या होता है: गोटुल में गाँव में कोई भी समस्या हो कोई गलती करता है इन सब का गोटुल में ही फैसला किया जाता है और गोटुल में शाम को सिर्फ़ वे लोग ही जा सकते है जिनका शादी नहीं हुआ है जैसे बच्चे से लेकर युवक-युवतियां ही नाच गाना कर सकते है |जो युवती मासिकधर्म से रहती हैं, उसका गोटुल में प्रवेश वर्जित है जितने दिन तक उसका पीरियड होता है उतने दिन तक गोटुल में नहीं जा सकती | पीरियड होने के बाद ही गोटुल में जा सकती है|

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: BASTURAM BHOGA CG CULTURE GONDI GOTUL KANKER KOYLIBEDA

कसूर घूटे पराड येलो दुवार तूने नेराड़ा हो...गोंडी गीत

ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोंगरी, सोगीबाई, रतोबाई और पोलोबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेलाय हो-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो-
जाति बाती पेकोर हो-
जाति बाती पेकोर-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो...

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MOGRI PAKHANJUR RATOBAI SOGIBAI SONG

« View Newer Reports

View Older Reports »