वनांचल स्वर- आदिवासी त्योहारों में वन से मिली औषधियों का महत्व...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सरत, साथ में गाँव के गायता कि वो नाग पंचमी पर वनों में मिलने वाले पेड़ों से, जड़ो से आदि से औषधियां बनाते हैं| पाड़ जली नामक औषधि से बुखार ठीक होता है, अब लोग अस्पताल जाने लगे हैं, पहले ऐसा नहीं था लोग हमारे पास ही आते थे इलाज के लिये| खेतो में दस्मूर कांदा और उसमें कई तरह की औषधियां मिलाकर गाय को पिलाते हैं| जानवरों को यह औषधियां पिलाने क बाद वो स्वस्थ्य रहते हैं| (RM)
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG GAYTA KANKER VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: मलेरिया बुखार का घरेलू उपचार-
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल बताते हैं कि किस प्रकार मलेरिया के घरेलू उपचार में औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। उनके दादा, परदादा एवं पिता भी वैद्य रहे हैं। पटेल 2008 से लोगों का उपचार कर रहे हैं। जब गांवों में अस्पताल भी नहीं थे, तब से उनके पूर्वज मरीजों का उपचार कर रहे थे। इसी बात से प्रभावित होकर वह ख़ुद भी वैद्य बने। अस्पतालों के बनने से पहले गांव के लोग उपचार के लिए पूरी तरह वैद्य पर निर्भर थे। वह बताते हैं कि मलेरिया एवं आम बुखार के इलाज के लिए नीम एक उपयोगी औषधि है। पटेल यह काम आजीविका के लिए नहीं, अपितु सेवा भाव के कारण करते हैं। सम्पर्क@9479070321, 6568684544 (185676) GT
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: जंगल से चरोटा भाजी,कांदा कुलियारी भाजी चाटी भाजी खाने से लाभ होता है...
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल बताते हैं कि जंगल में खाने की क्या-क्या भाजी मिलती है। बस्तर में चिरोंटा भाजी, हुलोलिया भाजी, बरचीकुटी भाजी, मूंगा भाजी, चाटी भाजी, तीनपनिया भाजी, कांदा भाजी, कुलियारी भाजी, पीकरी भाजी, कांटा भाजी, इत्यादि मिलती हैं। जिसमें से कुछ उगाई जाती हैं एवं कुछ जंगल से प्राप्त होती हैं। पटेल को लगता है कि आने वाले 10 सालों में कुलियारी भाजी विलुप्त हो जाएगी। चरोटा भाजी पाचनतंत्र और चर्बी घटाने के लिए काफी लाभदायक भाजी है।सम्पर्क 9479070321,6268684544.(185657) GT
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: क्योटी के तेल से दर्द और खुजली का इलाज होता है...
ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बहादुर राम पटेल जंगल में पाए जाने वाले क्योटी के पेड़ के बारे में बता रहे हैं। क्योटी का तेल निकाल लिया जाता है, जिसके बाद उसे दर्द, खुजली वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। जंगल से यह तेल पर्याप्त मात्र में मिल जाता है। इस तेल को खाया नहीं जा सकता। जंगल में टोरी का तेल भी मिलता है, जिसका खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Posted on: Feb 17, 2021. Tags: BAHADUR PATEL CG KANKER VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कलपांज पहाड़ की कहानी...
ग्राम- हाटकर्रा, तहसील- भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से भोला राम पटेल कलपांज पहाड़ के बारे में बता रहे हैं, जिसको कुछ स्थानीय निवासी गोटुल डोंगरी भी बोलते हैं। पुराने समय में वृद्ध लोग रात को पहाड़ पर खेलने जाते थे और सवेरे घर वापस आ जाते थे। बहुत से लोग वहां पिकनिक मनाने जाते हैं। जन्माष्टमी और माघ पूर्णिमा पर्व के दिन लोग घूमने जाते हैं। वहाँ सूर का पेड़ भी पाया जाता है, जिससे लोग नशा भी करते हैं। वहां पर बॉक्साइट और ताम्बे की खदान भी है। सम्पर्क@7722949229. (185606) GT
