कौन पारा बुले जाय कौन पारा दिन ला गंवाए...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया गीत सुना रहे हैं :
बिना झोले नई जाओं, बिना झोले नई जाओं रे-
तोर ले तोर दीदी रिझवारे-
कोन पारा बुले जाय कोन पारा दिन ला गंवाए-
कोन पारा अरीछा-मरीछा कोन पारा खाए बीरा पान ला...
Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURGUJA SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ का 26 वां जिला सबले बढ़िया सबले सुंदर, बलरामपुर बलरामपुर...
ग्राम-मिंधारी, पोस्ट-करमडिहा,तहसील-वाड्रफनगर, थाना-बंसतपुर,जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़)से अंजनी नेटी बलरामपुर जिला के उपर एक गीत सुना रही है:
छत्तीसगढ़ कर 26 वां जिला सबसे सुंदर-
सबले बढ़िया बलरामपुर बलरामपुर-
ऊँचा-ऊँचा पहाड़ पर्वत बड़ा ही घन घोर-
हाथी भालू चिरैय चिरगुन करैय बड़ी शोर – हरा- भरा खेत बारी मोहेला मन मोर-
जहाँ घुम के परदेशी डाले ना डेरा...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: ANJANI NETI BALRAMPUR CG SONG SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
हम तो आदिवासी गा भईया, जांगर ठुर कमइया...सरगुजिहा भाषा में एक आदिवासी गीत
ग्राम-बड़े साल्ही, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से सुरजाल सिंह आरमो सरगुजिहा भाषा में एक आदिवासी गीत सुना रहे है:
हम तो आदिवासी गा भईया, जांगर ठुर कमईया-
खेती बाड़ी के करईया नाँगर के जुतईया-
माता बेटा के बेटा दुलरवा, धरती के सेवा करईया-
छेरी गोरु के चरईया, गुल्ली डंडा के खैलईया-
पेच पसीया पानी के पीयईया, दुख सुख मा गोड़ी धरम गीत के गवईया-
जंगल झाड़ी के बसईया, काटा खुटी के रीगईया...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: ADIVASI CG KORIA SONG SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
कांहा जग चढ़े बरदई सिघरी मछरिया हा काहां जग चढ़े घरिहारे रे...सरगुजिया करमा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक सरगुजिया (करमा) गीत सुना रहे हैं:
हय रे हय रे हाय पानी ला दहेला म्हारे-
कंह कति चढ़े घरिहारे रे-
कांहा जग चढ़े बरदई सिघरी मछरिया हा-
काहां जग चढ़े घरिहारे रे-
नदी ढोढा चढ़े सिघरी मछरिया हर-
नदी-नरवा चढ़े घरिहारे हर-
कामे दो मारे सिघरी मछरिया हर-
संगी कामे हे घरीहारे रे...
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: CG KAILASH POYA KARMA SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
सेमी फूल फूले, धवई फूल फूले, सुमन के सुरीता हर आंखी आंखी झूले...सरगुजिहा गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन सरगुजिहा भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
सेमी फूला फूले, धवई फूला फूले-
सुमन के सुरीता हर आंखी आंखी झूले-
छोटे-छोटे कगदी कर बड़े-बड़े बाना-
सरई ला बलावा सगा खेले बर गाना-
जय रघुनंदन पवन पिरीते-
तुम्हर हमर जिंदगी बहुत दिन बीते...
