माटी ला छोड़ि तै कहां जाबे रे संगी, माटी के कर्जा चुकाना...छत्तीसगढ़ी गीत
जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सरला श्रीवास छत्तीसगढ़ी भाषा में एक माटी का गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
माटी ला छोड़ि कहां जाना-
माटी ला छोड़ि तै कहां जाबे रे संगी, माटी के कर्जा चुकाना-
येही माटी माँ रे संगी खेले-कूदे है-
येही माटी मा मिल जाना-
माटी ला छोड़ि कहां जाना-
ये भूइयां के लालन बेटा, तै तो सिधवा नाम रे-
येही करम है येही धरम है येही गंगा धाम रे-
डोरी जिन टूटै रे संगी, बंधना जनि छूटै रे संगी-
भूइयां ले रिश्ता निभाना, हू लाला भूइयां रिश्ता निभाना-
माटी ला छोड़ि कहां जाना...
Posted on: Apr 15, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...किसान गीत
ग्राम-बसेराकला, पंचायत-गिरिवारगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से हीरामोती एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला-
नारंगी-नारंगी चम्पार भीगेला-
छोटा सा भइया छैला-छबीला-
तुमसे मैं हूँ ज्यादा रंगीला-
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
Impact: We got our long pending due wages after report on CGnet Swara...
ग्राम-हिलचुर, पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गूकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से संतलाल उईके बता रहे हैं कि उन्होंने बिरजूराम, सोनरा बाई, मंगली बाई, सोनारो बाई, कांडूराम के सांथ मिलकर सड़क निर्माण में काम किया था, जिसका मजदूरी का भुगतान 5 साल से नहीं किया गया था, उन्होंने कई बार अधिकारियों के पास आवेदन किया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी, तब परेशान होकर अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकार्ड कराया था जिसके एक महीने बाद उनके खाते में मजदूरी का पैसा आ चुका है इसलिए वे सभी लोग बहुत खुश हैं और सीजीनेट के उन सभी सुनने वाले श्रोताओं और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं जिन्होंने उनकी मदद की|
Posted on: Mar 26, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
खेती बाड़ी बुलाथे, होगे देख तो बिहान...किसान गीत
रायपुर (छत्तीसगढ़) से सरला श्रीवास एक गीत सुना रहे हैं:
खेती बाड़ी बुलाथे होगे देख तो बिहान-
चल जाग जाग जाग रे किसान, उठ जाग जाग जाग रे किसान-
रतिहा पहागे भुइयां हा जुडागे बोरिंग मा पानी भरे माई लोग हा आगे-
राउत के होवथे हांका पारान-
अंगा कर के गोरसी थोर थोर सुलगथे-
गुडरिया अउ मैना अंगना मा चाहकथे – दाई पीसत हे जाता मा पिसान...
Posted on: Mar 21, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
पहले हमारी स्थिती बहोत ख़राब थी, अब कुछ सुधार हो रहा है...कहानी-
शांतिनगर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से लालसाय कावडे बता रहे हैं, उनकी गाँव की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी और आर्थिक स्थिती भी खराब थी, इस कारण वे शहर में आकर बस गये और वहां काम कर अपना जीवन जीने लगे | अभी वे झोपड़ी बनाकर रहते है और मजदूरी कर अपना घर चलाते हैं, उन्हें सरकार की किसी योजना के बारे में पता नहीं चलता, वे नये लोगो से बात करने से घबराते हैं, आज वो मध्यप्रदेश के सीजीनेट के सांथियो से मिले उनके काम के बारे में जाने तो बहुत अच्छा लगा उनका कहना है कि वे भी लोगो की मदद करने की कोशिश करेंगे | वे लोग 2003-04 से शहर में रह रहे हैं, अभी स्थिति में कुछ सुधार हो गया है |
