हमारे गोंडी आदिवासी गाँव समाज में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है (गोंडी भाषा में)
ग्राम-गोविंदपुर, तालुका-राजोरा, जिला-चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से श्यामराव उइके उनके गाँव की कहानी बता रहे है कि वे एक छोटे से गाँव के रहने वाले है और उनकी भाषा गोंडी है उनके गाँव के सभी लोग गोंडी बोलते है| उनके गाँव में पहले पूरा जंगल था| उनके गाँव में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है| उनके गाँव में गोंडी धर्म से देवी देवताओ की पूजा करते है| उन लोगो ने सोचा इतनी बड़ी गोंडी संस्कृति है उसके लिए उन्होंने एक कैसट निकाला उसका नाम है बाईन सुडा वातोड़, इसका अर्थ- चार बहने रहती है उसमे से बड़ी बहन की शादी करना चाहते है और बड़ी बहन को देखने के लिए लड़के वाले आते है| लोगो को देखकर छोटी बहन बहुत खुश होती है और आजू बाजू के घरो में जाकर बोलती है मेरी बहन को देखने के लिए लोग आये है और उसी से सम्बंधित एक गीत गाती है:वातेर वातेर हो बाईन सुडा वातेर हो-
श्यामराव उइके@9763811357.
Posted on: Aug 01, 2018. Tags: GONDI SHAYAMRAO UIKYE
ऐ सजन साजन ये साजन, सजन गो साजन...सादरी कर्मा किसानी गीत-
ग्राम-कुडकेल, पोस्ट-टोंगो, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से सरोज उरांव सादरी भाषा में एक गीत के माध्यम से बता रही हैं कि बारिश के महीने में पति परदेश जा रहा है, जिससे खेती करने के लिए महिला अकेली पड रही है :
ऐ सजन साजन ये साजन, सजन गो साजन-
ये साजन असरे सवने माझे-
गिड के बदरी गो साजन-
पिया परदेशी के खेती करी-
ये साजन असरे सवने माझे-
ये साजन ये साजन गोई साजन...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: SAPNA WATTI SAROJ ORAON SONG VICTIMS REGISTER
बेटा डखा पेलो रहेचा, दुबाला तीन मुदी तबे...कुडुक भाषा में गीत
ग्राम-ननंदल, पंचायत-कातिंग, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से पीटर कुजूर और अल्बर्ट एक्का ओरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे हैं, जो बच्चे के जन्म के समय गाया जाता है:
बेटा डखा पेलो रहेचा, दुबाला तीन मुदी तबे-
चा ओ दुबला तीन मुदी तबे चा-
करिदर पेलो राहे चा,
डुबा गा टीन मुटी, नी गावे चा-
हुली एका देखा पेलो राहे चा...
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: ORAON SONG RANO WADE
गुंजाला, आदिलाबाद, तेलंगाना में गुंजाला गोंडी लिपि पर हुए कार्यक्रम की रिपोर्ट (गोंडी भाषा में)...
अरका मानिकराव तेलंगाना राज्य जिला-आदिलाबाद, तहसील-नारनुरमंडल गुंजाला से बता रहे है कि आज गुंजाला में गोंडी भाषा को लेकर कार्यक्रम मनाया गया| गुंजाला में गोंडी लिपि का अविष्कार किया गया था. इस अवसर पर आदिलाबाद जिला के कलेक्टर दिव्या राजन और रिटायर I.A.S. ऑफिसर गायत्री सिंह नेपुलु उपस्थित थे. नेपुलु ने एक किताब लिखा हैं | किताब का नाम इत मडा ता महिमा है. इसमें आदिवासी इलाको में जब वो कलेक्टर थे तब का अनुभव लिखे है| इस कर्यक्रम में बहुत सारे अतिथिगण आए थे और गोंड समाज के करीबन 150,200 लोग आये और वैसे ही कार्यक्रम हर साल मनाना है करके गोंड समाज के लोगों से निवेदन कर रहे है| अरका मानिकराव@8331065750.
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: ARKA MANIKRAO GONDI
मुरा लगी, मुरा लगी, ऐ बांदर कोडा मुरा लगी...कुडुक भाषा में वर्षा गीत
किरतो टोला, पंचायत-बेंदोरा, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से सुभाष भगत, अंजना भगत और मीना तिर्की ओरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे है, जो वर्षा के आगमन पर गाया जाता है:
मुरा लगी, मुरा लगी-
ऐ बांदर कोडा मुरा लगी-
एवन कोडन कारा प्रेमने दारा-
मडी बा रीरी कोक्टा लगी-
कोडन कारा प्रेमने दारा...
