मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैसे नाता रे...भजन-
ग्राम-जोलबी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक भजन सुना रहे हैं:
मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैसे नाता रे-
माता कहे यह पूत हमारी, बहन कहे यह भईया मेरी-
पेट पकड़ के माता रोमये बाँह पकड़ के भाई-
लपट-झपट के चिड़ियाँ रोबे हंस अकेला जाई-
जब तक जीवयें माता रोबयें बहन रोमएं दसमाता-
मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैस नाता रे...
Posted on: Apr 06, 2020. Tags: AMRITLAL YADAV CG KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
बैल बिराने होइयो भजन बिना...भजन-
ग्राम पंचायत-जोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक भजन गीत सुना रहे हैं:
बैल बिराने होइयो भजन बिना-
चार पांव टूटे कंधे-
जोतत लादत लकुटी बजनी-
भार धरे मार जईयो भजन बिना-
पूस घाव में घनगी पत घनेरी-
फिर कहां सो धुनईयो भजन बिना...
Posted on: Jan 03, 2020. Tags: AMRITLAL YADAV CG KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
जिस भजन में राम का नाम न हो...भजन-
ग्राम पंचायत-जोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक गीत सुना रहे हैं :
जिस भजन में राम का नाम न हो, उस भजन को गाना न चाहिये-
चाहे बेटा कितना प्यारा हो, उसे सिर पर बैठाना न चाहिये-
चाहे कितनो अमीरी आ जाये, अभिमान दिखाना न चाहिये-
चाहे कितनो गरीबी आ जाये, प्रभु को भुलाना न चाहिये-
जिस भजन में राम का नाम न हो, उस भजन को गाना न चाहिये...
Posted on: Dec 10, 2019. Tags: AMRITLAL YADAV CG KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
मेरे चुनरी पे पड़ गयो दाग पिया...भजन गीत-
ग्राम पंचायत-दोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से सुमितलाल यादव एक भजन गीत सुना रहे हैं:
मेरे चुनरी पे पड़ गयो दाग पिया-
पांच धाग से बनी चुनरिया-
तीन गुणों से बंद किया-
मेरे चुनरी पे पड़ गयो दाग पिया-
यह चुनरी मेरे मईके से आयो-
मन मूरख तू अभिमान दिखायो-
मेरे चुनरी पे पड़ गयो दाग पिया...
Posted on: Dec 09, 2019. Tags: CG KORIYA SONG SUMITLAL YADAV VICTIMS REGISTER
भजन : मन फुला फुला फिर जगत मा कैसे नाता रे...
ग्राम-जुलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से लाल यादव एक गीत सुना रहें है:
मन फुला फुला फिर जगत मा कैसे नाता रे-
माता कहें यह टूटे हमारी बहन कहें यह भईया मेरे-
बेटी पकड़ के माता रोयें बाह पकड़ के भाई-
लपट झपट के तिरिया रोयें हंश अकेला छाई-
जब तक जियों माता रोयें बहन रोयें दसमा सा-
तैरा दिन का तिरिया रोयें फिर करें करवासा...
