खूब लिखा माँ की ममता पर दर्द पिता का रह अनजान...गाना
बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार पिता के किये कुछ सुना रहें हैं – खूब लिखा माँ की ममता पर-
दर्द पिता का रह अनजना-
माँ के आसू सबने देखे-
जीवन में पहचान जरुरी-
कौन हैं कोटा कौन करा हैं-
धुप छाँव का खेल हैं जीवन-
जीवन में संघर्स बरा हैं...
Posted on: Nov 02, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बीत गयो बीत गयो कैसे जीव ना भजन बिना... भजन
ग्राम आमाडुला जिला जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से चन्द्रकान्त लहरे भजन सुना रहें हैं:
बीत गयो बीत गयो-
मन्दिर सुनाई कि दीप बिना-
दीप बिना एक ज्योति बिना-
संगीत सुनाई कि गीत बिना-
गीत बिना एक राग बिना...
Posted on: Nov 02, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
आजा मेरो राम तेरो राम गाऊंगा मैं सुबह शाम... भजन
ग्राम आमाडुला जिला जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से चन्द्रकान्त लहरे भजन सुना रहें हैं:
आजा मेरे राम तेरो राम गाऊंगा मै सुबह शाम-
तू अंतर यामी हैं भक्तो का स्वामी हैं-
जीवन भर उनकी आवोगे काम-
आजा मेरे राम तेरो राम गाऊंगा मै सुबह शाम-
सबकी दुःख को हरने वाला-
नैया को पार लगाने वाले...
Posted on: Nov 02, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
जंगल कि कहानी सुना रहे है...
ग्राम- कापानार( काण्डकिपारा),ग्राम पंचायत- कापानार,विकास खंड- बास्तानार ,जिला- बस्तर,राज्य -छत्तीसगढ़ से लक्षमण बता रहे है कि हमारे गाँव में बहुत जंगल है |हमारे जंगल में बड़े -बड़े वृक्ष तथा जंगली सूअर भी रहते है| और बता रहे है कि हमारे जंगल में कुछ नही मिलता है |धान को खाने वाले सूअर हैं और लक्ष्मण जी बोल रहे है कि हमारे गाँव में हमेशा बीमारियाँ होती रहती है |गाँव कि समस्या तथा जंगल में और क्या -क्या मिलता है अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे| सोमड़ू कोवासी@7647938548.
Posted on: Nov 02, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा...भक्ति गीत
सुनील सोनवानी एक भक्ति गीत सुना रहें:
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा-
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद आंसू बहाने से क्या फ़ायदा-
मैं तो मंदिर गया, पूजा आरती की, पूजा करते हुए यह ख़याल आ गया – कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं, सिर्फ पूजा के करने से क्या फ़ायदा-
मैं तो सतसंग गया, गुरु वाणी सुनी, गुरु वाणी को सुन कर ख्याल आ गया-
जनम मानव का ले के दया ना करी, फिर मानव कहलाने से क्या फ़ायदा...(180574) GT
