वनांचल स्वर: जो मनुष्य रोज कड़वी नीम का पत्ती चबाकर खाता है, उसे कोई बीमारी नहीं होती है...
कडवा नीम हर जगह मिल जाता है, उसका फूल अभी खिला हुआ है| उसका फूल सब्जी बनाने के काम में आता है, उसे बडी, भटा के साथ बनाया जाता है| वह शरीर के लिए बहुत लाभदायक है| पेट और खून को साफ़ करता है, नीम के पत्ते को पीसकर भी पीया जाता है उससे शुगर को नष्ट करता है| जो मनुष्य रोज नीम का पत्ती चबाकर खाता है| उसे कोई बीमारी नहीं होता है इसलिए नीम हमारे जीवन के लिए बहुत फायदेमंद वृक्ष है| नीम का दातून भी किया जाता है वह हर जगह मिल जाता है| नीम के निबोली (फल) को भी खाया जाता है| उसे चिड़िया भी बहुत चाव से खाते है. नीम के पत्तो से धुंआ करने मच्छर भाग जाते है| इसलिए नीम का पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी है| कन्हैयालाल पडियारी@9981622548
Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम...देवी वंदना -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देवी वंदना सुना रहे है:
तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम-
लढा बैगा तोला पूजे वो ओरगी देखाके वो-
नरियल भेला तोला चढाथे पथरा मा फोरी फोरी के-
सिंदूर कुम-कुम तोला चढाथे अपन हाथे जोड़ी के वो-
कारी गाय के गोरस मांगा के तोला वो नहाये वो-
गुमाडीन क्योंटिन घर ले लाइ मांगा के जोगर बनाये वो-
जोगर ला चढ़ाके दाई गान के रक्षा बर दुआ मांगे वो-
चिंतामणि गाँवटीया दाई तोरे मंदिर ला बांये वो...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
उड़िया कसन टगत हे जोन, हर बनते हमर सरकार...छत्तीसगढ़ी कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
उड़िया कसन टग हे-
जोन हर बनते हमर सरकार-
निकता-निकता ला ओमन खाते-
कमइया के जिन्दगी बेकार-
बैला कमाये घोड़वा खाए-
बैला के जीना हवे बेकार-
दिनभर नहना तोड़े बैला हर-
पावे रुका सुखा पहेरा खाए भर-
घोडा खाए दाना चबेना-
खड़े-खड़े मंजा ले पोगराय-
वैसन हमर देश में हवे-
टगवा निकता-निकता ला खाए...
Posted on: Apr 05, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
छड़ी देत वो छड़ी देत, भौजी मोर, सुआ ला छड़ी दे...छत्तीसगढ़ी गीत
तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
छड़ी देत वो छड़ी देत, भौजी मोर, सुआ ला छड़ी दे-
फल फूलते खवय्या ला भौजी, पिंजरा मा काबर राखे-
आकाश म उड़य्या ल, पिंजरा म काबर बांधे, भौजी मोर-
बिनी बिनी खवय्या ला, काबर ते हर बांधे-
तपथ कुरु मांगथ आवे वो, पे छड़ी दे, भौजी मोर-
पिंजरा ते सुआला, ते हर छड़ी दे-
चिपको तोला दया, काबर नहीं आये वो भौजी-
छड़ी देत वो छड़ी देत, भौजी मोर, सुआ ला छड़ी दे...
Posted on: Apr 03, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
जब राजा ने दरबार में विद्वानों से पूछा मरने के बाद आत्मा स्वर्ग या नर्क में जाती है...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कहानी सुना रहे है:
एक राजा था, उसके दरबार में बड़े बड़े विद्वान बैठे थे, राजा ने उनसे पूछा कि मरने के बाद किसकी आत्मा नर्क में जाती है, और किसकी आत्मा स्वर्ग में जाती है, कोई उसका जवाब नही दे पाया, वही राजा के दरबार में काम करने वाली महिला बोली आपके इस प्रश्न का जवाब मेरी ८ वर्ष की पोती देगी राजा ने कहा उसे बुलाया जाए दरबार हाजिर 8 वर्ष की बालिका को वही दोहराया गया, बच्ची ने जवाब दिया की जो व्यक्ति श्मशान में बैठे किसी व्यक्ति की बुराई करे और यह बोले की अच्छा हुआ मर गया, उस व्यक्ति की आत्मा मरने के बाद नर्क में जाती है, इस कहानी से यह सीख मिलती है कि किसी की बुराई मत करो|
