वनांचल स्वर : वज्रभाटा से छोटे बच्चों के सर्दी खांसी और दांतों का उपचार-

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज पंचायत भेजा, पोस्ट-भानबेड़ा, तहसील-कोरर ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर,(छत्तीसगढ़)में पहुँची है वहां से कन्हैयालाल केवट के साथ में आज नारद सिंह चालकी जुड़े हैं जो स्थानीय इलाके के वनों में पाए जाने वाले वनस्पतियों से उपचार के बारे में बता रहे है उनका कहना है कि वज्रभाटा जिसको कई जगह (भटकटैया) के नाम से भी जाना जाता आने है ये छोटे-छोटे बच्चों के सर्दी खांसी और जिनका दांत में विशेष प्रकार के दर्द होता है उसके लिए भी उपयोगी होता है इसे छोटे बच्चों को ताबीज बनाकर पहनाया जाता है और आग में जलाकर इसके धुआ से दांत के दर्द ठीक हो जाता है:संपर्क नम्बर @9669437292.

Posted on: Jan 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : भुईनीम के पत्ते से मलेरिया बुखार का उपचार -

ग्राम-डेढ़खोह्का, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से गिरधारीलाल कोडोपी (भूतपूर्व सरपंच) मलेरिया के घरेलू उपचार के बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं भुईनीम जो जंगल में मिलता है उसको लाकर सुखाकर पीसकर पानी में उबालकर उसको दो-तीन घूँट को दो-तीन दिन तक पिलाना है उसके बाद मलेरिया ठीक हो जाता है इसको बच्चो को भी पिला सकते है इसका खुराक 3-4 चम्मच लेना है क्योंकि बहुत कडवा होता है| उसको पिलाने के बाद छोटे बच्चो को गुड खिला देना है| इसका पौधा गोंदा के पत्ते के जैसा होता है, इस तरह हमारे आसपास जंगल में ऐसी अनेक उपयोगी वनस्पतियाँ मिलती हैं . बाबूलाल नेटी@8602007333.

Posted on: Jan 17, 2018. Tags: GIRDHARILAL KODOPI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: जंगल में मिलने वाला आंवला खाने से बहुत से लाभ -

ग्राम-हटका चारामा, पंचायत-श्रीगुहान, तहसील-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कपिलराम साहू बता रहे है कि वनआँचल में आवंला का उत्पादन बहुत होता है और आवंला स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है और वे लोग आवंला का उपयोग बहुत अच्छी तरह से करते है| आज के दौर में आवला की कीमत बाजार में लगभग सौ रूपये किलो है | पेंट में जितना भी गैस होता है वो आवला से खतम हो जाता है और मुंह में जो दाग होते है वो भी ठीक हो जाते है और बाल पकते है तो उसके तेल को लगाने से फायदेमंद होता है और उसका अचार मुरब्बा भी बनता है और आवला के फल जंगल से प्राप्त करते है और साल में एक बार फल देते है. बस्तीराम नागवंशी@9425648073.

Posted on: Jan 17, 2018. Tags: KAPILRAM SAHU SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : सदा सुहागी फूल का पत्ता और काला कोरिया की छाल से शुगर का उपचार...

ग्राम-रामपुर, पोस्ट-पुरी, थाना-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामूराम लाठिया मधुमेह या शुगर की बीमारी का उपचार बता रहे है शुगर की बीमारी के लिए सदा सुहागी के फूल का पत्ता होता है उसको पीसकर पाउडर बनाना है उसके साथ एक और जड़ी उसका नाम काला कोरिया का छाल है उन दोनों को मिलाकर सुबह-सुबह दूध के साथ खाली पेट खाना है और उसको खाने के एक घंटा बाद खाना खा सकते है और उसको रेगुलर एक महीने तक खाने से शुगर की बीमारी में मदद करता है, इस तरह हमारे आसपास के जंगल में बहुत से वनस्पति हैं जिनका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जा सकता है. बस्तीराम नागवंशी@9425648073.

Posted on: Jan 16, 2018. Tags: RAMURAM LATHIYA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : गेंदा के पत्ते के रस से पके हुये कान का उपचार -

ग्राम-किशनपुरी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कोश्लेन्द्र निर्मलकर हमारे आसपास पाई जाने वाली वनस्पति से घरेलू उपचार बता रहे है वे आज बता रहे हैं कि कान के अंदर जो पके हुये मोहर निकलते है उसका उपचार स्थानीय वनस्पति से किया जा सकता है. चमेली गोंदा पत्ते के रस को पीसकर 3 रात रेगुलर लगाना है उससे मोहर निकलना बंद हो जायेगा उसका 2-3 बूंद कान में डालना है उसके तीन चार दिन बाद ठीक हो जायेगा उसको छोटे बड़े सभी लोग इस्तेमाल कर सकते है और जब आप इस विधि का उपयोग कर रहे हैं उस समय भोजन में खट्टी चीज का इस्तेमाल नही करना है, इससे उपचार में नुक्सान होता है | अधिक जानकारी के लिए संपर्क@7747033604.

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: KOUSHLENDRA NIRMALKAR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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