कौन रंग मुंगवा कौन रंग मोतिया...वज्जिका भाषा में झूमर गीत -
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार ग्राम सभा, मोहल्ला सभा स्थापना दिवस के अवसर पर हो रहे कार्यक्रम में आमंत्रित करते हुए वज्जिका भाषा में एक झूमर गीत सुना रहे हैं :
कौन रंग मुंगवा कौन रंग मोतिया – कौन रंग भौजो हे हमर भईया – लाली रंग मुंगवा सबुज रंग मोतिया – सवर रंग हे ननदों तोर भईया – कहां शोभे मुंगवा से कहां शोभे मोतिया से...
Posted on: Dec 24, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बात बुझावा माई अपने लला के रोकले रहिए कदम तारा जा के...बज्जिका भाषा में गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार बज्जिका भाषा में एक उलाहना गीत सुना रहे हैं :
बात बुझावा माई अपने लला के रोकले रहिए कदम तारा जा के – तोहरा लगा देखेमे लगाले लरिका लगाले जुवान कदम तार जा के – झूठ फूस लागले तोहर बोली कैसे धरु हम एकर सयाना – लरिकन हमारा दूधो छोरलक उ तोरा लगले कैसे सयाना – कखनी से हम हटी घाट पर पारा नईया लेगे ला बीच धार – हमर सहेली सा पर होई गेलई हम कईसे उतरब ओहे पारा...
Posted on: Dec 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
चाँद मामा चाँद मामा हसवा दो...गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार विलुप्त होती संस्कृति और परम्पराये और हमारी चुनौतियों पर एक गीत सुना रहे है:
चाँद मामा चाँद मामा हसवा दो-
सेव हसुवा काहे ला करइ कटावेला-
सेव करी काहे ला घरवा चबावेला-
सेव घरवा काहे ला बन्दुक बनावेला-
सेव बब्दुक काहे ला बुतक जिवावेला-
अइसन काम कावे ला पार्टी को जितावेला-
चाँद मामा चाँद मामा हसवा दो...
Posted on: Dec 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
झूमे खेत में किसानिन किसान गोरिया...बज्जिका भाषा में गीत -
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार विलुप्त होती सांस्कृतिक परम्पराएं और हमारी चुनौती, विषय पर 1 जनवरी 2108 को 11 बजे कन्हौली खादी भंडार मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम के आयोजन का संदेश देते हुवे बज्जिका भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं :
झूमे खेत में किसानिन किसान गोरिया – इता धरती अनारा ये जे गरजे अपारा – परे झिमिर झिमिर मेढके फुहार गोरिया – खेत खेत भादो में कांदो घोराइल...
Posted on: Dec 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया...भोजपुरी बारह मासा गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक बारह मासा गीत सुना रहे है:
खेत खलिहानवा में गावे ले भिखारी ठाकुर-
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया-
चढ़ते अषाढ में वीरा आ सूनावे ले-
चुलुवा हिलोर मारे सावन के कजरिया-
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया...
