हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी-
का हो गए बुढवा बाबनला बोलत नहिये जी-
चप्पर-चप्पर मंतर बोलत रहे जी-
अब तो मुंह लगे कछु कहत नहिये जी-
काहित मने मन म गुनत हवे जी-
बिहाव के भावर ला गिन्जारत नहिये जी...

Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

बेटी तै जाथस ससुराल वो, बने-बने रहबे...बेटियों पर छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों से सम्बंधित एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
बेटी तै जाथस ससुराल वो-
बने-बने रहबे-
मुंह ला रख बे संभाल के-
सांस ससुर ला-
दाई दादा के सम्मान बे-
नन्द देवर ला भाई बहन वो-
जेट जेठानी ला भाई-
बहुजाई के सम्मान बे वो...

Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

बजगरी मन मगन बाजा बजावत है जी, झेंडा झेड़ी मन मगन नाचत हवे जी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
बजगरी मन मगन बाजा बजावत है जी, झेंडा झेड़ी मन मगन नाचत हवे जी-
जे दिन साथिन मन तेल हल्दी चड़ावत हवे जी, दूल्हा दुल्हिन के मन ह देख नाचत हवे-
वैद मन्त्र बामण सुनाथ हवे जी, आगी के आघु मा भवर इज़ारत हवे जी-
सात भवर हल्दी के सात गाठ, गठीयावत हवे जी-
सात जनम खातिर नाता ला, जोड़त हवे जी-
बियाह के बंधना हवे छन्दना, ज़िदगी भर खातिर हवे सुघर गेहना...

Posted on: Apr 28, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

बेटी के लगन हो गए संगवारी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
बेटी के लगन हो गए संगवारी-
सगा आके न्योता खा गए संगवारी-
सगा समधी ला न्योता दे-
आबो बेटी बहिनी ला बलाबो संगावारी-
आस पड़ोस हीत-प्रीत-
मीत-मितान जम्मो ला बलवाबो संगवारी-
आनी-बानी के बाजा बजवाबो-
संगवारी तेल चढ़ाबो हरदी मा खाबो-
देवी देवता ला मनवाबो-
सास सुआसिन तेल हल्दी चढ़ाहीं-
गाहीं बिहाव गीत संगीत-
गाहीं नाचहीं करहीं ठिठोली-
आही दुल्हा लेके बरात गाँठ जोड़ही-
भांवर परही बाम्हन दीही सौगात-
सारा मुटका मारही बहिनी खातिर-
लेही धोती कुर्ता ताली बजात-
आनी बानी दहेज़ डोला-
देके करबो बेटी के विदाई-
अपन माया प्रीत ला छाडके-
कहथों बेटी जाही सुन मामा दाई...

Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

दुःख अँधेरी रातो में, जगमगाती हंसमुख तारों के बीच...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
दुःख अँधेरी रातो में-
जगमगाती हसमुख तारों के बीच-
कोई चिराग ढूँढता हूँ-
पर मिलता नहीं कोई ऐसा चिराग-
मुझे तो दिखता है होता हुआ-
बर्बादी कैसा होगा हमारा भविष्य...

Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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