स्वास्थ्य स्वर: प्रातः काल ताजे गाय का मूत्र पान करना चाहिए...
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी गौमूत्र के सम्बध में बता रहे है:
गौमूत्र से चिकित्सा का वर्णन प्राचीन धर्मग्रंथों में मिलता है l गाय के मूत्र में रोग नाश करने की शक्ति हैl आज के आधुनिक विज्ञान ने भी रिसर्च से यह सिद्ध किया है, कि गौमूत्र से रोगों का निवारण होता हैl कैंसर जैसी घातक जान लेवा रोग भी गौमूत्र से दूर होता है, ऐसे उदाहरण हैं l गौ मूत्र में कैल्सियम सोडियम पेटोसियम एन्जाइम तथा सभी विटामिन का समावेश होता हैl इससे थायराईड टी.बी.ब्लड प्रेशर सुगर चर्म रोग तथा कैंसर जैसे रोगों का भी नाश होता हैl अतः सत्य हो या असत्य सभी लोगो को प्रातः काल ताजे गाय का गौमूत्र पान करना चाहिए| सम्पर्क नम्बर@9589906028.
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG CHHATTISGARH HEALTH RAMAKANT SONY SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: हिचकी ठीक करने का घरेलू उपचार...
ग्राम-घोंघा, थाना-बोड्ला, तहसील-बोड्ला, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगत राम लांझी हिचकी को ठीक करने का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि हिचकी आने पर परसा (पलाश) के पत्ते को चिलम (बीडी) जैसा बनाकर उसमे राहर (अरहर) के पत्तों को तम्बाखू के जगह भरकर पीने से हिचकी से आराम मिलता है, यदि अरहर के पत्ते उपलब्ध नहीं है तो इसके स्थान पर चने के पत्ते को भी इसी तरह उपयोग किया जा सकता है | ये औषधि हमारे वातावरण के आस-पास ही उपलब्ध हो जाती है यह उपचार बिना कोई खर्चा किये घर में ही किया जा सकता है |अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर@7389964276.
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJHI CG HEALTH KABIRDHAM SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
माँ पूजा की थाल है माँ ममता और प्यार...माता गीत -
ग्राम-बिहारपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से मुकुंदलाल जैसवाल माता-पिता पर एक गीत सुना रहे है:
माँ पूजा की थाल है माँ ममता और प्यार-
रहती है माँ जब तलक जलते सदा की रात-
माँ पूजन का चाँद है पिता शरण के धूप-
दोनों के आशीष से जीवन ले नवरूप-
माँ थी घर में जब तलक जड़े रहे घर द्वार-
माँ के आंचल के तले एक रहा परिवार...
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: CHHATTISGARH HINDI MUKUNDLAL JAISWAL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: मक्के का पेज बनाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है, गाय के लिए भी बहुत उपयोगी...
ग्राम तोरखुडु, पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से पांडुराम कतलामी बता रहे हैं कि वो लोग मक्का की खेती किस प्रकार करते है और उसके उपयोग के बारे में भी बता रहे है: वे कह रहे हैं कि हम लोग मक्का उगाने के लिए सबसे पहले हल चलाते है उसके बाद मक्का के बीज को बो देते है | जब मक्का थोड़ा बड़ा हो जाता है तब हम मक्के के साथ जो घास उगता है उसको उखाड़ कर फेक देते है (निदाई करते है) जब मक्का खिल जाता है (फल जाता है)तब हम मक्का के पत्ती को काट कर गाय बैल को खिलाते है इससे गाय भैंस स्वस्थ रहता है और बहुत दूध देती है हम मक्का को भूंज कर भी खाते है और उसका पेज बनाकर पीते है जिससे गर्मी के मौसम में राहत मिलती है |
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG HINDI KANKER PANDURAM KATLAMI AGRICULTURE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: खाद वाला धान खाकर लोग बीमार पड़ रहे, पहले ऐसा नहीं था: 90 वर्ष की गीलोबाई...
ग्राम-माड़ पखानजुर, पंचायत-उलिया, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव की 90 साल की बुज़ुर्ग महिला गीलो बाई हैं वे पने जीवन के बारें गोंडी भाषा में उनको बता रही हैं कि पहले ज़माने में शुद्ध खाना मिलता था, जंगल में बहुत सारी वनस्पतियां जैसे कन्दमूल, फल आदि भी मिलता था जो आज नहीं है | वे कह रही हैं कि पहले के समय में हम लोग कम बीमार पड़ते थे खुद मेहनत करके खाते थे और कोदो कुटकी की बहुत ज्यादा कमाई होती थी और कई किसानों के घरों में अनाज हुआ करता था पर अब खाद वाला धान मिलता है जिससे लोग बीमार पड़ रहे है और परेशान हैं | उस भोजन में स्वाद भी होता था अभी के भोजन में स्वाद भी अच्छा नहीं है...
