झूमे खेत में किसानिन किसान गोरिया...बज्जिका भाषा में गीत -
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार विलुप्त होती सांस्कृतिक परम्पराएं और हमारी चुनौती, विषय पर 1 जनवरी 2108 को 11 बजे कन्हौली खादी भंडार मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम के आयोजन का संदेश देते हुवे बज्जिका भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं :
झूमे खेत में किसानिन किसान गोरिया – इता धरती अनारा ये जे गरजे अपारा – परे झिमिर झिमिर मेढके फुहार गोरिया – खेत खेत भादो में कांदो घोराइल...
Posted on: Dec 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया...भोजपुरी बारह मासा गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक बारह मासा गीत सुना रहे है:
खेत खलिहानवा में गावे ले भिखारी ठाकुर-
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया-
चढ़ते अषाढ में वीरा आ सूनावे ले-
चुलुवा हिलोर मारे सावन के कजरिया-
रची-रची गीत सुनावे भोजपुरिया...
Posted on: Dec 21, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी कहवाँ भुलवला न...बिहार से झूमर गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर,बिहार से एक झूमर गीत सुना रहे हैं-
धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी कहवाँ भुलवला न-
खेते भुलवला खालिहाने भुलवला-
या धन कटनी के बिचवा हो राजाजी-
बागे भुलवला बगीचे भुलवला-
या मालिनिया के बिचवा हो राजाजी-
कोठे भुलवला अटरिया भुलवला-
या सौतनिया के बिचवा हो राजाजी-
धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी...
Posted on: Dec 14, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...युवा सुधार गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से युवा सुधार पर आधारित गीत सुना रहे हैं:
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है – चारो ओर शांति फैलाना है-
आपस में हो ख़त्म लड़ाई-
दुनिया वासी भाई-भाई-
आतंकी गतिविधि छोड विकल्प को अपनाना है-
जाति-धर्म सब इसी जहाँ पर-
मजहब-पंथ सब इसी जहाँ पर-
इंसान का धर्म अपनाना है-
देश की ताकत नौजवान-
दुनिया की ताकत नौजवान-
सही दिशा को अपनाना है-
चारो ओर शांति फैलाना है-
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
महिला में खुलल इस्कूलवा नहे...शिक्षा गीत
सुनील कुमार रहुआमद विद्यालय जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से स्कूल में मध्यान्ह भोजन वाली महिलाओं से शिक्षा पर एक लोकगीत सुन रहे है:
महिला में खुलल इस्कूलवा नहे-
चला सखी नाम लिखवावे-
न बाटे एक्को गोरु पैया नहे-
केतना दीदी अलखे नहे-
एक गोज पूनम दीदी अलथे नहे-
महिला में खुलल स्कूलवा नहे...
