मेरे अनुसार परिस्थिति को देखकर दोनों पक्षों से बात करके समाधान निकाला जा सकता है...
ग्राम-गुमियापाल (बैलाडीला ) जिला-दंतेवाडा छत्तीसगढ़ से रमेश कुंजाम गोंडी भाषा में बता रहे हैं कि उनके गाँव में बीस साल से हिंसा हो रही हैं इसमें कई ग्रामीण पुलिस के हाथ में मारे गए है और कई ग्रामीण नक्सली के हाथ में भी मारे गए हैं | इस परिस्थिति को सभी लोग मिलकर समाधान की रास्ता खोजना होगा वैसे ही हत्याचार होते रहेगी तो आदिवासियों की जनसँख्या कम होते जाएगी ना हमें पुलिस की सहयोग चाहिए ना हमें नक्सली की सहयोग चाहिए, हम कई सालों से खेती बाड़ी पर निर्भर रह रहे है,और हमारे परम्परा से ही हमें चलने दो | इस प्रकार जानकारी देते हुए रमेश कुंजाम बता रहे हैं |
Posted on: Aug 23, 2020. Tags: PEACE SURVEY GONDI 1 SONG VICTIMS REGISTER
दादा लिय वेया लिय बाले-बाले दका...गोंडी गीत-
ग्राम-अलवा, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से सनोती कावडे के साथ में माता है जो गोंडी में एक गीत सुना रही है :
दादा लिय वेया लिय बाले-बाले दका-
दादा लिय वेया लिय वे अयो वे या-
नानों लिय वेया लिय तडा ननों कल्ला-
अच्चम बार पारिय तो नानों लिय वेया लिय...
Posted on: Aug 23, 2020. Tags: GONDI SONG
नीमा नानों निम्मा निम्मा नीमा नानों...गोंडी गीत-
ग्राम-मांझीपारा, पंचायत-चन्द्रगिरी, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से कीर्ति साहू उनके साथ है ग्रामीण महिलायें मिटकी बाई, अड़मे बाई, बुधरी बाई जो गोंडी में गीत सुना रहीं है:
नीमा नानों निम्मा निम्मा नीमा नानों-
कुलीन दया मने किनते ते पाका लोन-
नानों अल्ले नानों केलर-
नानों पाटा एन्डे वावो-
नीमा नानों निम्मा निम्मा नीमा नानों-
कुलीन दया मने किनते ते पाका लोन...
Posted on: Aug 23, 2020. Tags: GONDI SONG
शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो...गोंडी भजन गीत-
ग्राम+पंचायत-बाग़मुंडी पनेडा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से मुन्नी कवासी एक गोंडी भजन गीत सुना रही है:
शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो-
लोक दुआ वरसी अददे कैलाश मेठा ते मंदानूर-
कुड़ता गिसली विड्सी अददे ढूवल तोल्का उड़सानुड-
शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो...
Posted on: Aug 22, 2020. Tags: GONDI SONG
कर्म का बिगड़ गई राजधानी...गोंडी गीत-
ग्राम-देवगढ, पोस्ट-लोहांगी, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिंदवाडा (मध्यप्रदेश) से संजू परतेती के साथ सूर्यकांत परतेती जो एक गोंडी गीत सुना रहें है:
कर्म का बिगड़ गई राजधानी-
सुन ले रे कोया ये कथा गोंडवानी-
गोंडी धर्म और रीति भाषा भूल गये कोया भाई-
मंद में बेहोश हो गयो मदिरा में भरमाई... JP
