पीड़ितों का रजिस्ट: 2017 में बड़े भाई को नक्सलियों ने मार दियें...
ग्राम पंचायत-कनकानार, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से मंगली उइके पति सोनू उइके बता रहे हैं, उसके बड़े भाई को 1017-18 में नक्सलियों ने जान से मार दियें, और उनके मम्मी को भी एक सप्ताह तक जंगल में रखे थे| नक्सलियों ने बहुत परेशान करतें थे फिर वे लोग डर अपना गांव छोड़कर वर्तमान में बीजापुर में आकर रह रहे हैं| और उन्हें सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशी भी नहीं मिला है| अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क नंबर@8815518854.
Posted on: Aug 02, 2021. Tags: BIJAPUR CG DISPLACED KILLD MANGALI UIKEY MAOIST VICTIM VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : काम न करने का आरोप लगा कर नक्सलियों ने पीटा, जान से मारने की धमकी दी...
वीरसाय पोटाई, जिनका पैतृक गाँव चिनारी, पोस्ट दंडवान, जिला नारायणपुर है, 2015 में नक्सली हिंसा के कारण अपने गाँव से विस्थापित होने के पश्चात नारायणपुर में सपरिवार रहते हैं।
वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन में 5 वर्ष तक माओवादियों के साथ काम किया। फिर लौटने के बाद वे वापस नक्सलियों के साथ नहीं गए किन्तु घर से ही उनके लिए चावल इकठ्ठा करने जैसे काम करते रहे। उन्होंने फाइनेंस करा के ऋण में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसमे डीजल भराने वे अपने गांव से नारायणपुर जाया करते थे। इसी कारण से उनपे नक्सलियों ने शक किया की वे पुलिस को मुखबिरी करते हैं। इसी संदेह के आधार पे उन्हें नक्सली जन अदालत में ले गए, जहाँ उनके 2 अन्य साथियों की मुखबिर बता कर के हत्या कर दी गई। उनपे आरोप लगाया गया की वे नक्सलियों के साथ अब काम नहीं करना चाहते और दण्डस्वरूप उन्हें मारा पीटा गया। इसके बाद पुलिस उन्हें नारायणपुर ले कर आयी।
वे बताते हैं कि उनके पैतृक गाँव में उनके पास 22 एकड़ जमीन व मवेशी इत्यादि थे। जिस कंपनी से उन्होंने अपना ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया था, उसने किश्त न पटने के कारण उनका ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया है। नारायणपुर में उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिली।
मदद की गुहार लगाने पे एसपी ने उन्हें नौकरी का लालच दे कर नक्सलियों से मुठभेड़ कर उन्हें मार गिराने कहा। अपनी जान की परवाह करते हुए उन्होंने मुठभेड़ करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अपने गाँव वापस जाने को कहा। लेकिन उन्हें डर था कि नक्सली उन्हें मार डालेंगे जिसके उपरान्त वे 2015 से अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ नारायणपुर में ही बनी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
इनका एफआईआर दर्ज हो चुका है, लेकिन पिछले 5 साल से वे अपने गाँव नहीं लौट पाए हैं। सरकार की पुनर्वास योजना के लाभ की अपेक्षा में हैं। संपर्क नंबर@9301409699.
Posted on: Aug 01, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER VIRSAY POTAI
पीड़ितों का रजिस्टर : फाॅर्स द्वारा पकड़े जाने पे नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगा कर जान से मारने क
सेतुराम नुरेटी, ग्राम गारपा, तहसील ओरछा, जिला नारायणपुर के रहवासी बताते हैं की उनका विस्थापन 2018 में नक्सल हिंसा के कारण हुआ। उन्हें पैरामिलिटरी फ़ोर्स वाले पकड़ कर ले जा रहे थे किन्तु बीच रास्ते में उन्हें छोड़ दिया गया। इस कारण से नक्सलियों ने 2-3 मीटिंग में उनका उल्लेख कर उनपे मुखबिर होने का आरोप लगाया। वे कहते हैं कि उसके बाद नक्सलियों ने उन्हें जान से कोशिश की। इस कारण से उन्हें अपना परिवार छोड़ भागना पड़ा। उनका परिवार अभी भी गारपा में रहता है। वे अपने चार अन्य साथियों के साथ नारायणपुर में किराए के मकान में रहते हैं व बनी मजदूरी करके गुजारा करते हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है व सरकार की पुनर्वास योजना के लाभ की अपेक्षा में हैं। संपर्क नंबर@9770430855.
Posted on: Aug 01, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SETURAM NURETI VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: भाई को मओवादियो ने मार पिट करने के करण गाँव छोड़कर आए हैं...
ग्राम-कोडकोडू, थाना-मुमेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से करम गावडे पिता साकिर गावडे बता रहे हैं की उनके भाई को मओवादियो ने मार दिये| इसलिए गाँव छोड़कर आये हैं उनको सरकार के तरफ से कुछ सुविधा नही मिली अभी शान्तिनगर नरायणपुर में रहते हैं| वह पर अभी सरकार की और से पुलिस नौकरी मिली हैं नौकरी के अलवा उनको ओर कुछ सुविधा नही मिला है| पहले जब से गाँव छोड़ कर आये तब से उनका राशन कार्ड नही बना है| उनका कहना है की सरकार की ओर से राशन कार्ड बान जाये| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर7806033415.
Posted on: Jul 30, 2021. Tags: CG DISPLACED KARAM GAWADE MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों के डर से गांव छोड़कर आयें...
ग्राम-वडापेंदा ,जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मुराराम पिता चैतु बता रहे हैं | की उनके घर में किराना दुकान था हो हर दिन सामान लेने नारायणपुर अता जाता करता था तो मओवादियो ने पुलिस में जाता हैं सोचकर उसे मारने की बात कर रहे थे| और गाँव से कई बहर जाने को भी मना कर दिए थे |इसीलिए 2007 में अपना गाँव छोड़कर नारायणपुर गुड्रीपारा में आये हैं |अभ गुड्रीपारा में मजदूरी काम करते हैं, उन्हें रहने के लिए भी घर नहीं है| उनको सरकारी से कोई सुविधा नही मिला है| अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर बात कर सकते हैं |सम्पर्क नंबर@6267364401.
