छत्तीसगढ़ दीपावली गीत : तोर पूजा करों लक्ष्मी मैया, तही हवस ज्ञान के देवईया...
ग्राम-कोड़ार, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से बीसे लाल पटेल छत्तीसगढ़ी दीवाली गीत सुना रहें है:
तोर पूजा करों लक्ष्मी मैया, तही हवस ज्ञान के देवईया-
बीन मांगे सबों के देवईया, तही हवस ज्ञान के देवईया-
मन के मंदीर माँ तोला बैठार के, तोर पूजा करों लक्ष्मी मैया-
तोर पूजा करों लक्ष्मी मैया, तही हवस ज्ञान के देवईया...
Posted on: Oct 26, 2019. Tags: BEESELAL PATEL KADHIRDHAM CG SONG VICTIMS REGISTER
माई बर फूल गजरा, माई बर फूल गजरा...देवी गीत-
ग्राम-कोडार, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसेलाल पटेल नवरात्रि की पावन अवसर पर एक देवी गीत सुना रहे हैं:
माई बर फूल गजरा, माई बर फूल गजरा-
गूंथौ हो मालिन माई बर फूल गजरा-
कौने माई बर अजरा-गजरा कौने माई बर हार-
कौने माई बर माथे पर मटुकिया सोला हो सिंगार-
बड़े माई बर अजरा-गजरा, मंझली माई बर हार-
छोटे माई बर माथे पर मटुकिया सोला हो सिंगार-
माई बर फूल गजरा, माई बर फूल गजरा-
गूंथौ हो मालिन माई बर फूल गजरा...
Posted on: Sep 29, 2019. Tags: BISELAL PATEL KABIRDHAM CG SONG VICTIMS REGISTER
भजन : ये तो सच है की भगवान है, है मगर फिर भी अन्जान है-
ग्राम- जबलपुर, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
ये तो सच है की भगवान है-
है मगर फिर भी अन्जान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का-
उस विधाता की पहचान है-
जन्मदाता हैं जो नाम जिनसे मिला-
थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला-
कांधे पर बैठ के जिनके देखा जहां-
आप दोनों सलामत रहें है-
आपसे पाया वरदान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का-
उस विधाता की पहचान है...
Posted on: Sep 22, 2019. Tags: CG DINANATH PATEL RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
बिगड़ी बना दे बाबा, द्वारे आयें तोर...भजन-
ग्राम-कोडार, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसेलाल पटेल एक भजन सुना रहे हैं:
बिसकर्मा बाबा मोर पड़ाथन पइंया तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा, द्वारे आयें तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा शरण में आयें तोर-
श्रृष्टि के रचईया तै पार लगाईया बिनती सुन ले मोर-
फूल, पान, नरियर धर के आरती सजाये हन-
17 सितंबर के तोला हम मनाये हन-
सबो जगह होवाये शोर-
बिसकर्मा बाबा मोर पड़ाथन पइंया तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा द्वारे आयें तोर...
Posted on: Sep 18, 2019. Tags: BISELAL PATEL CG KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
एक गुरु और शिष्य की कहानी-
बहोत पहले की बात है, एक गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा देते थे, उसमे एक शिष्य ऐसा था, जो प्रतिदिन अध्यन करने जाता था लेकिन उसे कुछ ज्ञान नहीं होता था, उसे रोज डांट पड़ती थी, जिसके कारण उसके पिता उसे आश्रम नहीं भेजते थे, ऐसा चलता रहा, एक दिन उनके घर के पास बगीचे में एक ऋषि यात्रा के दौरान आराम करने रुके थे, ये देखकर बच्चे के पिता ने उसे भोजन लेकर ऋषि को देने के लिये भेजा, बच्चा उदास मन से उनके पास पहुँचा, ऋषि ने उसके उदासी का कारण पूछा, बच्चे ने सारी बात बतायी, तब ऋषि ने उसे गायत्री मंत्र का उच्चरण करने को कहा, बच्चे ने ऐसा ही किया जिससे उसकी स्मरण शक्ति अच्छी हो गयी, और वह पढ़ने में अच्छा हो गया|
