वनांचल स्वर : महुए को हम आदिवासी कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है...
ग्राम-भुरियालदंड, तालुका-कोरची, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दशरू कुमरे महुए का उपयोग किस-किस काम के लिए किया जाता है, उसके बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि मध्य भारत के आदिवासी इलाकों में महुआ का उपयोग खाने के साथ में भी किया जाता है और इसे कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है| इसको कंडे के साथ भुन्जकर भी खाया जाता है| महुआ का दारू भी बनाया जाता है इससे हमारा रोजगार भी चलता है| महुआ को गाय बैलो को भी खिलाते है उससे उनका शरीर तंदुरुस्त रहता है| इस तरह हमारे लिए और हमारे पशुओं के लिए बहुत उपयोगी है, यह हमारे संस्कृति का भी हिस्सा है | रानेश कोर्चा@8459328717.
Posted on: Apr 06, 2018. Tags: DASHRU KUMRE GONDI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुआ और मक्का लाई का लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है...
सीजीनेट जनपत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बड़वार नवापारा, पोस्ट-गोविंदपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से कन्हैयालाल केवट को गाँव के देवीलाल नेटी और टिकाराम मरावी बता रहे है कि उनके गाँव के पास तमोर पिंगला नाम का जंगल है, उस जंगल से प्राप्त तेंदू, महुआ, चार, भेलवा, कंदमूल का उपयोग वे लोग खाने के लिए करते है, महुआ का लाटा बनाकर खाते है, लाटा को मक्का के लाइ के साथ कूटकर बनाते है| लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है, इससे आँखों की कमजोरी भी दूर होती है| इसलिए उनका कहना है कि लाटा को घर के सभी लोग अवश्य खाए और औरों को भी खिलाएं जिससे वे भी तंदरुस्त रहें |
Posted on: Apr 04, 2018. Tags: DEVILAL NETI TIKARAM MARAVI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दाद, खाज, खुजली का घरेलू उपचार -
वैद्य एच.डी.गाँधी आज हम सभी लोगो को दाद, खाज, खुजली, का घरेलू उपचार बता रहे है, तिल्ली का तेल 100 ग्राम, नारियल का तेल 100 ग्राम, दोनों को मिलकर रख लेवे| उसमे नीम की पत्ती 25 ग्राम, गवार पाटा का गुदा 25 ग्राम और गेंदा का फूल 50 ग्राम, उन सबको साफ कर गर्म हुए तेल में पकावे और जब ये जल जाए तब उसको उतारकर जब वो गुनगुना रहे तब उसमे एक चम्मच हल्दी और दो कपूर की टिकिया 5 ग्राम डालकर मिला लेवे और ठंडा होने को रख देवे और जब वो ठंडा हो जाये तो उसको छानकर कांच के सीसी में सुरक्षित रख लेवे | लगाने की विधि रुई में तेल लेकर जहाँ-जहाँ दाग, खाज, खुजली, एग्जिमा सौराइसिस है वहां सुबह शाम दोनों समय लगावे और उसको कपडे ढक के रख देवे| साबुन का प्रयोग न करें, मुल्तानी मिटटी या काली मिटटी का प्रयोग करें| परहेज मिर्च, मसाले, तेल, खटाई घरिष्ट भोजन का प्रयोग कम करें नशा न करें| खासकर बैगन, चना, मटर, उड़द, मसूर की दाल, सेमी, मछली आदि का प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिए संपर्क एच.डी.गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बालों से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी बालों से संबंधित समस्या जैसे बालों के टूटने, झड़ने और दोमुहे बाल होने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो इस समस्या से पीड़ित हैं वे भृंगराज का पंचाग अर्थात फल, फूल, पत्ती, जड़, तना सभी का मिश्रण 1 किलो, बरगद के कोमल पत्ते 1 किलो, अलसी का तेल 2 लीटर और 1 गिलास पानी ले, और लोहे की कढ़ाही में 2 लीटर तेल डालकर गर्म करें, जब तेल गर्म हो जाये तो भृंगराज का पंचांग डाले उसके जल जाने के बाद बरगद के पत्तो के छोटे-छोटे टुकड़े कर डालें, जब दोनों जल जाये तो कढ़ाही को ठण्डा कर लें, ठण्डा हो जाने पर छानकर उसे सीसी में रख लें, रात को 10-15 ml तेल सिर में हल्के हाँथ से मालिस करना है और सुबह मुल्तानी मिट्टी से बलों को धोयें | बालों में शैम्पू, साबुन का प्रयोग न करें, 1-1 चम्मच आंवले का चूर्ण दिन में 2 बार खाली पेट सेवन करने से लाभ हो सकता है : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 01, 2018. Tags: HAIR HD GANDHI PROBLEM SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : श्वेत कुष्ठ चर्मरोग का घरेलू उपचार -
नवाडी, जिला-बोकारो, (झारखण्ड) से वैद्य निर्मल महतो आज हम लोगो श्वेत कुष्ठ चर्मरोग का घरेलू उपचार बता रहे है, वे बता रहे हैं कि गौ मूत्र 100 ग्राम, नीम पत्ती 100 ग्राम, गोबर रस 100 ग्राम, बाउची चूर्ण 100 ग्राम, इन सभी को मिलाकर एवं पीसकर लेप बना ले| इस लेप को लगाने से श्वेत कुष्ठ एवं सभी प्रकार के चर्मरोगो में शीघ्र ही आराम मिलता है| पुर्नोवा, मूल, अर्जुन छाल को गौ मूत्र में पीसकर लगाने से भी श्वेत कुष्ठ में आराम मिलता है| अम्ल एवं लवण रस युक्त भोजन, बैगन, छोले, अचार, तली चीजे, मैदा एवं बेसन के बने हुए खाद्य पदार्थ, पिज़्ज़ा बर्गर, दूध, दही, गुड, तिल, लहसुन, गरम मसाला, और साबुन, शेम्पू एवं चन्दन का अत्यधिक प्रयोग न करें: अधिक जानकारी के लिए संपर्क@8674868359.
