जादू कला बहुत आसान है, वह विलुप्त हो रही है इस लोक संस्कृति को बचाने का प्रयास हो...
प्रखंड-सकरा, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन प्रिया आज कल लोकसभा, मोहल्ला सभा अभियान समिति सांस्कृतिक मंच के माध्यम से विलुप्त हो रही जादू लोक संस्कृति को आगे बढाने का प्रयास कर रही है और इन कार्यक्रमों में इस प्रखंड की सबसे कम उम्र की जादूगर कंचन ने जादू के कई आइटम प्रदर्शित कर सबको हैरान कर दिया है वे पिछले 5 वर्षो से जादू शो कर रही है और और बोल रही है कि जादू कला बहुत आसान है और यह एक पुरानी परम्परा है जिसका लोकहित में और उपयोग होना चाहिए अगर किसी को जादू सीखना है तो उनका संपर्क नम्बर@9939235751/9308571702.
Posted on: Feb 06, 2018. Tags: KANCHAN PRIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा, भारत जिसका नाम...देशभक्ति गीत -
पटेल नवगढ़ कनोली खादी भण्डार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन और चंचल एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा, भारत जिसका नाम-
धरती अम्बर पर्वत नदियाँ है जो इसकी शान-
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा भारत जिसका नाम-
हम भारत के रहने वाले भेद भाव ना जाने-
जाति धर्म को छोड़ के सारी आगे बढ़ना जाने-
हर कष्टों को दूर करे हम हो मुश्किल आसान-
धरती अम्बर पर्वत नदियाँ है जो इसकी शान-
हो हम सबकी शत कर्मो से रोशन इसका नाम-
शक्ति मिले हम सबको यहां पे दे दो यह वरदान-
गुलशन बन जाए जग सारा कर दो यह एहसान..
Posted on: Jan 15, 2018. Tags: KANCHAN CHANCHAL SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रेला रे रे लोयो रेला रेला...रेला गीत -
ग्राम-खड्गाँव, ब्लाक-मानपुर, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से सोहान्तीं दर्रो, कृष्णी सलाम, और कंचन वड्डे एक रेला गीत सुना रही है:
रे रे लोयो रेला रे रे लोयो रेला रेला-
इडुक परमा मडमा इडुक परमा मडमा-
गिलिन-गिलिन कंदा गिलिन-गिलिन कंदा-
रे रे लोयो रेला रे रे लोयो रेला रेला...
Posted on: Jan 09, 2018. Tags: SOHANTI KRISHNI KANCHAN SONG VICTIMS REGISTER
कारो पड़ गवो रे समदीन मेरी बोलिन के मारे...विवाह गीत
ग्राम ढोलनखापा,तहसील-पांढुर्ना,जिला-छिन्दवाड़ा (मप्र) से कंचन यादव विवाह गीत सुना रहे हैं :
कारो पड़ गवो रे समदीन मेरी बोलिन के मारे-
बार-बार हटकटी समदी होली को राही मत जा-
छेनी को राखी बैकट को लनियन कोलू को राही रात-
कारो पड़ गवो रे...
यार प्यार हटकटी समदिन दुनिया को राही मत जा-
डिमर को राह देखत डिमरीयन छोटा गवो राही रा-
कारो पड़ गवो रे...
बार-बार हटकटी समदी धोबी को राही मत जा-
धोबी की राह देखत धोबियन दुक्डा सा पड़ गई रात – कारो पड़ गवो रे...


