सीजीनेट नाटक दल सन्देश देता है कि हम आदिवासियों को अपनी परम्परा बचाकर रखना चाहिए...
ग्राम-कहडबरी, ब्लाक-मानपुर, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से सुरेन्द्र कुमार दर्रो, जौहरलाल दर्रो, मानसू, विशेष उसारे, आदित्य बता रहे है कि वीरनारायण शहादत दिवस उनके क्षेत्र में 4-5 साल से मनाया जा रहा है पहले यह कांकेर जिले मनाया जाता था| वीर नारायण जी सोना खदान के जमीदार थे और उनका शहादत दिवस मनाने बड़े-बड़े लोग आते है उनको आमंत्रित किया जाता है और उनको इस कार्यक्रम के बारे में पहले से भी पता रहता है| उसी बीच सीजीनेट यात्रा का कठपुतली का नाच भी हुआ उसको देखकर वे बता रहे है कि सीजीनेट यात्रा लोगो यह सन्देश दे रही है कि लोग अपने रीति रिवाज और परम्परा को बचाए रखना और गोंड समाज के लोगो को आगे ले जाना और सभी समाज के लोगो के लिए काम करता है.
Posted on: Dec 20, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम और भूलिंग जड़ी से मलेरिया का इलाज...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-कह्बडरी, ब्लाक-मानपुर, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से गाँव के रामलाल मलेरिया की दवा बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि वे मलेरिया की बीमारी में नीम और भुलिंग की जड़ी का उपयोग करते हैं इसके लिए नीम और भुलिंग की जड़ी दोनों को अलग-अलग आधा गिलास पानी में पकाकर लेते हैं नीम की पत्ती को भी उपयोग करते हैं 4 दिन तक प्रतिदिन खाली पेट लेने से मलेरिया से राहत मिल सकता है, खाते समय कड़वा लगता है इसलिए खाने के बाद शक्कर भी ले सकते हैं इसे सभी उपयोग कर सकते हैं इस जड़ी को किसी भी प्रकार की मलेरिया बुखार में उपयोग कर सकते हैं | बाबूलाल@9713997981.
Posted on: Dec 20, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : उँगलियों के कतरी (घिनी) रोग का उपचार -
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-गोटुलमुंडा, पोस्ट-तरईगोटिया, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है जहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात वैद्य घन्सुराम टेकाम जी से हुई है जो उन्हें कतरी की बीमारी के बारे में बता रहे है, कतरी (घिनी) की बीमारी उंगलियों के बीचो बीच होता है इसमें बहुत दर्द होता है, उसके लिए दवाई थुहा है उसको घोलकर लगाना है और उसके खोल को भी उँगलियों में लगा लेना है और उसके दूध को भी लगाना है और उसके खोल को तीन दिन तक लगा कर रखना है उससे वो बीमारी ठीक हो जाएगी | वे बता रहे हैं कि गाँव देहात में यह आम बीमारी है और इस विधि से वे बहुत से रोगियों का उपचार कर चुके हैं इसमें निश्चित ही आराम होता है
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
पानी भरी गंदी जगहों पर मछली पालिये, मछली गन्दगी को खा जाती है और हम बीमारी से बचते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-हाटकोंदल, तहसील-दुर्गकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात सरोज कुमार मंडावी के साथ हुई है जो एक गड्ढे में मछली पाल रहे हैं वे बाबूलाल को बता रहे हैं कि गड्डे की गंदगी को ख़त्म करने के लिए उन्होंने मछली पाला है जैसे जो भी खाना बचता है उसको लोग गड्डे में डाल देते है जिससे बहुत गंदगी हो जाती है मछली पालने से उस गंदगी को मछलियाँ खा लेती है उसके कारण गड्डे साफ़ रहते है और मलेरिया आदि जैसे बीमारियों से इस तरह से बचा जा सकता है। वे बता रहे हैं कि वे स्वच्छ भारत अभियान के तहत जागरूकता भी लाना चाहते हैं कि इस तरह से मछली पालकर लोग अपने आसपास की पानी भरी जगहों को साफ़ रख सकते हैं |
Posted on: Dec 18, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासियों की पुरानी परम्परा जत्ता या जाता में बिजली नहीं लगती और शरीर भी स्वस्थ रहता है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-दमकसा, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से बाबूलाल नेटी के साथ में गजानंद लान्जिवार है जो गाँव में पाए जाने वाले जाता या जत्ता के बारे में जानकारी दे रहे है. जत्ता दो गोल पत्थर से बनाया जाता है जिसको हिंदी में (पत्थर की चक्की) कहते है उसमे एक मुठिया लगा रहता है जिसको हाथ से पकड़कर घुमाया जाता है इससे गेहूं, दाल, भुट्टा और सूजी जैसे और भी अनाज को पीस सकते है ये आदिवासियों की पुरानी परम्परा है और ये आज भी ग्रामीण क्षेत्रो में देखने को मिलता है | धान के लिए अलग तरह का जाता होता है इस तरह के चक्की में बिजली नहीं लगती सिर्फ मेंहनत लगती है जिससे शरीर भी स्वस्थ रहता है



