वनांचल स्वर : जुडी बूटी से बवासीर, शुगर का इलाज, फीस नारियल और अगरबत्ती-
कन्हैया लाल केवट आज ग्राम-कौंदखेडा, ब्लाक-बड़ेराजपुर, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) के मिलाऊराम नाग से बात कर रहे है वे बता रहे हैं कि वे वैद्य का काम करते है शरीर में देवभुत की समस्या हो उसको जड़ी देते है पेट पिराह ( दर्द), छाती पिराह उसका भी जड़ी देते है निमोनिया, बवासीर, शुगर का भी जड़ी देते है और उनको जड़ी बूटी का काम करते 2-3 वर्ष हो गया है और जड़ी बूटियां जंगल से लाते है और सभी जड़ी बूटी बारह महीने नहीं मिलते है छाती पिराह का चैत बैशाख में नहीं मिलते है और रोज़ 2-4 लोग उनके पास इलाज करवाने आते है और इलाज के बदले वे सिर्फ नारियल और अगरबती लेते है. अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9753676215.
Posted on: Dec 21, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम और भूलिंग जड़ी से मलेरिया का इलाज...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-कह्बडरी, ब्लाक-मानपुर, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से गाँव के रामलाल मलेरिया की दवा बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि वे मलेरिया की बीमारी में नीम और भुलिंग की जड़ी का उपयोग करते हैं इसके लिए नीम और भुलिंग की जड़ी दोनों को अलग-अलग आधा गिलास पानी में पकाकर लेते हैं नीम की पत्ती को भी उपयोग करते हैं 4 दिन तक प्रतिदिन खाली पेट लेने से मलेरिया से राहत मिल सकता है, खाते समय कड़वा लगता है इसलिए खाने के बाद शक्कर भी ले सकते हैं इसे सभी उपयोग कर सकते हैं इस जड़ी को किसी भी प्रकार की मलेरिया बुखार में उपयोग कर सकते हैं | बाबूलाल@9713997981.
Posted on: Dec 20, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: बंजर भूमि में भी कम लागत में, कम मेहनत से लाख से अच्छी कमाई की जा सकती है...
ग्राम-चौड़ी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंदन कुमार साहू बता रहे है कि बंजर भूमि में भी लाख की खेती से कम लागत में अच्छी आय कर सकते हैं वे दिखा रहे हैं कि यह सेमियालता का पौधा है और उसमे लाख कीट का संचालन किया जाता है और इसमें उत्पादन अच्छा होता है और आजीविका के लिए अच्छा साधन है सेमियालता बंजर भूमि में भी उगता है और एक साल बाद उसमे कीट का संचालन कर सकते है और साल में दो बार काम मेहनत में फसल ले सकते हैं यह खेती कम समय कम लागत में कर सकते है ये पौधा नाइट्रोजन गैस भी छोडती है इससे मिटटी की उपज अधिक बढ़ जाती है इसमें कीट कोमल डाली में लगती है लाख की दो वेराइटी होती है कुष्मी और रंगीनी।
Posted on: Dec 20, 2017. Tags: MAHENDRA UIKEY SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : यहां ग्रामवासी तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा बेचकर अपना जीवन यापन करते है...
ग्राम-घोडाखुर्री, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अगनुराम खड़हे स्थानीय माध्यमिक शाला के प्रधान अध्यापक है. वे बता रहे हैं कि स्कूल की शुरुवात उनके ही द्वारा 1983 में हुई. घोडाकुर्री गाँव का नाम क्यों पड़ा उसके बारे में जानकारी दे रहे है. बुजुर्ग लोगो के अनुसार यहाँ पर घोडा के पैर का एक चिन्ह था उसके कारण इस गाँव का नाम घोडाकुर्री नाम पड़ा है अभी वर्तमान में वो चिन्ह नहीं है मिट गया है. गाँव की जनसँख्या लगभग 350 है. पूरा गोंड आदिवासी गाँव है और उनका जीवन यापन का साधन खेती बाड़ी और वनोपज है | वनोपज में तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा, इस सबको समय-समय पर सीजन के आधार पर एकत्रित करते है उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है
Posted on: Dec 17, 2017. Tags: AGNURAM KHADHE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : गले एवं मुंह के छालो का घरेलू उपचार -
भोरमदेव वन आंचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू मुहं में छाले पड़ जाते है और गले गर-गर लगता है आज उसके घरेलू इलाज के बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि एक लोटा कुन कुना गरम पानी में एक चम्मच नमक डालकर कुल्ला करके पानी को बाहर फेक दें, मुहं में छाला है तो फिटकरी ले लेवे छोटा सा और उसको चूसते रहने से गला के छाला, मुहं के छाला, जीभ के छाला को तत्काल दो दिन में राहत पहुंचाता है और टमाटर का जूस इसमें विटामिन c की मात्र कैल्शियम एकोलाईट की मात्रा रहता है टमाटर के जूस को एक कप ले उसमे दो चम्मच मिश्री मिलाकर छानकर उसे 5 दिन तक पीये इससे भी इस समस्या में बड़ी राहत मिलती है| अमित साहू@8964931287.



