मोतियों के माला निशनिया रे जाम...चुनाव गीत

मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से उमेश भारती बिहार में चल रहे पंचायत चुनाव के उपलक्ष्य में एक चुनाव गीत सुना रहे हैं:
मोतियों के माला निशनिया रे जाम-
रे जाम मोतियों के माला निशनिया रे जाम-
रे जाम मिश्राम भैया के यही पर मोहर लगयन रे-
हमरो गाँव तोलवा के मैया बहिनिया रे जाम-
अरे मैया बहिनिया रे जाम मिश्राम भैया के-
मोती के माला निशनिया रे...
हर माता बहिनिया के गले के हार रे जाम-
मोती के माला निशनिया रे जाम...

Posted on: Feb 27, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER

बांसुरी के इतिहास में उन कीड़ों का कोई जिक्र नही...कविता

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नरेश सक्सेना की एक कविता बांसुरी सुना रहे हैं:
बांसुरी के इतिहास में उन कीड़ों का कोई जिक्र नही-
जिन्होंने भूख मिटाने लिए बांसों मे छेद कर दिए थे-
और जब-जब उन हवा छेदों से गुजरती तो बांसों का रोना सुनाई देता-
कीड़ो को तो पता ही नही था कि वे संगीत के इतिहास में हस्तक्षेप कर रहे हैं-
और एक ऐसे वाद्य का आविष्कार जिसमे बजाने वाले की सांसे बजती है-
मैंने कभी लिखा था बांसुरी में बांस नही बजती साँस नही बजता-
बजाने वाला बजता है अब जब-जब बजता हूँ बांसुरी तो राग चाहे जो हो-
उसमे तोड़ो की भूख और बांसों का रोना भी सुनाई देता है...

Posted on: Feb 27, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

बेटी हूँ मैं, बेटी मैं तारा बनूँगी...गीत

जीवन संगम बोधगया (बिहार) से सुनील कुमार जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यक्रम में गाए जा रहे गीत को सुना रहे हैं :
बेटी हूँ मैं बेटी मैं तारा बनूँगी-
लिखुंगी पढूंगी मैं मेहनत भी करूंगी-
अपने पांवो से चलकर दुनिया को देखूंगी-
दुनिया को देखूंगी मै दुनिया को समझूंगी-
फूल जैसी सुंदर बागों में खेलूंगी-
तितली बनूंगी मैं हवा को चूमुंगी...

Posted on: Feb 26, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं...आंदोलन गीत

सुनील कुमार, मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक आंदोलन गीत सुना रहे हैं:
हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं-
मिलजुल हम सब करे जतन सोचे कोई उपाए-
गोंवरो शाली बिरसत जानें समझें भाए-
गांव-गांव मैं काला भवन हो गाय बजाएं भाए-
लोक कला को समझें हम इसकों खूब बढ़ाये-
भाई बहन सब मिलजुल नाचे झूमें नाचे गाये – हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं...

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Posted on: Feb 24, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हमसे पुछेला चूड़ी कंगनवा, कब ले सजनवा की...भोजपुरी गीत

सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
हमसे पुछेला चूड़ी कंगनवा कब ले सजनवा की-
मनवा लागत नहीं के मनवा लागत नहीं के-
दम तोडेला दिल के सपनवा-
झर-झर बहे नयनवा की-
चिट्टी न पाठी भेजेला-
जब से गईला परदेश वो-
कौन कारणवा सजना-
तू बुललवा अपना देश वो-
गजरा सुखल गजरा टूटल-
कट बहिल सुखी तनवा-
की मनवा लागत नहीं के...

Posted on: Feb 19, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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