लोहा के कारखाना खुला है भिलाई में, सेठ मजा मारथे गरीब के कमाई में...गीत
ग्राम देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया भिलाई इस्पात संयंत्र पर एक गीत गा रहे है और साथ में उस गीत को सीटी के माध्यम से भी सुना रहे हैं :
लोहा के कारखाना खुला है भिलाई में-
सेठ मजा मारथे गरीब के कमाई में-
Posted on: Mar 13, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई...समोसे पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया समोसे पर एक कविता सुना रहे है:
त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई-
आलू और खटाई खाई, खाया सारा मिर्च मसाला-
मुह तो छोटा सा है, लेकिन तेल कढ़ाई भर पी डाला-
इतना सारा खाया फिर भी प्याज मंगाते लाज ना आई-
त्रिकोने समोसे भाई,गरम-गरम खाए हम सब कुछ-
फिर भी नरम तुम्हारी काया, सोच-सोच हैरान बहुत हूँ-
समझ न पाया तेरी माया....
Posted on: Mar 05, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटिया...किसानो पर गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया किसानो पर आधारित एक गीत सुना रहे हैं :
जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटोया-
धरती ला लूटत है, शोषण ला करत है-
गुंडागर्दी करत है, बाहर से आवत है लुटोया-
जगा, जगा खेती करो यार-
धन ला लूटे, ईमान ला लूटे-
यही है बैमानी करे यार-
बाहर से आवत है लुटोया...
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान...हाथी गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पाया बोल रहे हैं कि उनके घर के पास गाँव में जंगल में हाथी परेशान करता है, हम ग्रामीणों की मदद की जाए-कृपया आप इन नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाए- कलेक्टर सूरजपुर@9893509012, वन विभाग के गार्ड,(दरोगा)@8889472625 और इसी विषय पर एक स्वरचित गीत सुना रहे हैं:
हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान-
हमर फुतकी में प्राण संगी हाथी करे परेशान-
नींद भर सुथी नहीं, भूख भर खाना नहीं-
हमके करथे परेशान-
हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान...
Posted on: Feb 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...फागुन गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक फागुन गीत सुना रहे है:
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे-
रानकर ला हरा यहाँ उड़कर फहरा यहाँ सैया हमर घर आवे-
गंगा के लहर-लहर दूर के फहर-फहर अब लहर दा रे-
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...
