संगीत भी जीवन का प्रतीक है...रचना
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक रचना सुना रहे हैं:
संगीत भी जीवन का प्रतीक है-
दिल लेते हमारा वो जीत है-
क्या थे वो बैजू बावरा तानसेन-
जो संगीत से पानी बरसा देते थे-
सरस्वती की स्वर बाहव रोते को हंसा देते थे-
पर आज कल के संगीत में देखिये-
अश्लीलता से भरी बाजार है-
पुहर गानों की भरमार है-
न साहित्य न संस्कार है-
ऐसे ही कलुगी संगीतकार हमारे मोहल्ले में पधारे सूर्य नाग्दीश शाह
गधे से डकारे उनका संगीत सुन विश्व ने किया दरवाजा बंद तब संगीत कार ने
माइक का किया प्रबंध अरे परोसियो बच नही सकते सुनना होगा तुम्हे हँसते-हँसते मुझे उंचाई में जाना है...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
ग्राम सभा मुहल्ला सभा के स्थापना दिवस मनाये...संगठन गीत -
ग्राम सभा मुहल्ला सभा के स्थापना दिवस मनाये – सब मिल सोचियो न्याय दिला तई आनंद भाई – वार्ड पंच के एकता हम सबके भाय – संगठन बनतई सुजीत भईया, संगठन बनतई उदय भईया – वार्ड के विकास कराय घर-घर में सुख शांति आए – समस्या दूर भगाय सब मिल सोचियो – न्याय दिलातई आनंद भाई – संगठन बनतई संजू दीदी सब के विकास कराय – घर-घर में सुख शांति आय तइ समस्या दूर भगाय –
संगठन बना तइ सुनील भईया सांस्कृतिक आंदोलन चलाय...
Posted on: Mar 10, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
वृन्दावन आज मचईया होली...पारंपरिक होली गीत
नंदनी वर्मा, निधि वर्मा और खुशबू एक पारंपरिक होली गीत सुना रही हैं :
वृन्दावन आज मचईया होली-
कहां मा से अई कुमर कन्हैया-
कहां मा से एतय लक्षमन देवड़ा हो-
पुरबे से अई कुमर कन्हैया-
पक्षिम से एतय लक्षमन देवड़ा-
कहां मा बैसय बई कुमार कन्हैया-
कहां मा बैसय बई लक्षमन देवड़ा...
Posted on: Mar 07, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
भाषण में गरीब कहिके शासन करे हो...गीत
जीवन संगम बोधगया (बिहार) से सुनील कुमार जनवादी अन्दोलन में गीत और कठपुतली नाटक के माध्यम से दिए जा रहे संदेश को सुना रहे हैं :
भासन में गरीब कहिके शासन करे हो-
जब मागय है मजदूरीया तो लाठी मारे हो-
की खाईली की ना खाईली केहू ना पूछे वाला-
कह संगठन कुछ जोर लगाओ कईसन ई समाज बा-
नजर उठा के देख लो रे भईया कईसे सबके राज बा-
भासन में गरीब कहिके शासन करे हो...
Posted on: Mar 02, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
संविधान में समीक्षा कर आरक्षण का आधार आर्थिक होने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं...
पटना (बिहार) से धनवन सिंह राठौर बता रहे है आज देश के संविधान को 65 साल हो चुके हैं| उसमे हर 10 साल में एक समीक्षा होनी चाहिए| लेकिन राजनितिक कारणों से इस पर कोई समीक्षा नही की गई | जिसके कारण जिस समाज को आरक्षण मिला उस समाज के लोग आज भी वही है सिर्फ 2 से 5 प्रतिशत लोग जो संपन्न, सक्षम, बड़े पद पर है वही इसका फायदा ले रहे हैं लेकिन वास्तव में जिसे लाभ मिलना चाहिए उनको नही मिला है | अखिल भारतीय मोर्चा की विचार धारा है कि गरीबी जाति या धर्म के अनुसार नही आती | इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए| वे इन्ही मांगो को लेकर देश में आन्दोलन कर रहे है. सुनील कुमार@9308571702.





