गरीबी के मारे मैं ददा के यहाँ गई थी...गीत -
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चाँदवानी, जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से कपूरिया एक गीत सुना रही है:
दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार-
गरीबी के मारे मैं ददा के यहाँ गई थी-
दाई ललकार दिया दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार-
गरीबी के मारे मैं कका के यहाँ गई थी-
गरीबी के मारे मैं काकी के यहाँ गए थे-
काकी ललकार दिया दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार...
Posted on: Dec 27, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
जब भीषण गर्मी की तपन जलाई थी अंग...गीत -
डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष अहिरवार साल के समापन पर एक गीत सुना रहे हैं :
जब भीषण गर्मी कि तपन जलाई थी अंग – तब पावस आ गया भर बौछार उमंग
बौचार में भीगकर कपड़े होते तंग – गोरे सिमटे लाज में दिखता है हर अंग – खुद पर ही मर मिटी लाल हो गया रंग – लाजवंती सी सिमटी चाहत पीका संग – वे तो हैं परदेश में कैसे धरे धीर...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
मोरो गोपीचंद रे बैरागी बने बेटा...गीत -
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक गीत सुना रहे है:
मोरो गोपीचंद रे बैरागी बने बेटा-
बनवासी बने रे बैरागी बने बेटा रे-
मान ले मोरो कहना बेटा-
झंझट बंगला रे और मोरे-
करीब चिड़िया बेटा-
जनदर्शन की माला रे-
मोरो गोपीचंद रे बैरागी बने बेटा...
Posted on: Dec 24, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
हमारे यहां मेले में पक्षीमार यंत्र की बिक्री होती है जिससे पक्षी ख़त्म हो रहे हैं, इस पर रोक लगाएं...
ग्राम, पंचायत-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार बता रहे हैं बापा बनवासी सेवा मंडल बोंदा में ठक्कर बाबा जयंती पर मेला का आयोजन होता है वहां पर व्यापारी विशेष प्रकार के पक्षीमार यंत्र बेचने के लिए लाते है उसे फत्ता भी कहते हैं जिसमे पक्षियों को मारा जाता है. वे बता रहे हैं पंक्षी कीट नाशक होते हैं लेकिन इस प्रकार के साधनों के प्रयोग से लगातार पक्षियों की प्रजातियाँ विलुप्त होती जा रही है इसलिए वे सीजीनेट के सांथियों से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबर पर अधिकारी से बात कर निवेदन करें जिससे ऐसे यंत्रो पर पाबंदी लगाकर पक्षियों को बचाया जा सके | जिला कलेक्टर@8085452555. संतोष कुमार अहिरवार@8461076962.
Posted on: Dec 01, 2017. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
तरी तरी रेल जाथे ऊपर से हवाई मा, लोहा के कारखाना खुले हे भेलाई मा...लोक गीत
जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से एक बुजुर्ग दादा जी श्रीराम अहिरवार संतोष अहिरवार को छत्तीसगढ़ी भाषा में एक लोकगीत सुना रहे हैं :
वे रटा कर रहा है वाद परेवा – टिकट घर पे दुनिया झुकी जा रही है – तरी तरी रेल जाथे ऊपर से हवाई मा – लोहा के कारखाना खुले हे भेलाई मा – लोहा के कारखाना खुले हे भेलाई मा...
