मधुबन में श्याम खेलेला गुजरिया....होली गीत
ग्राम-दहेजवार, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आरती यादव एक होली गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
मधुबन में श्याम खेलेला गुजरिया-
केकर हाथ कनक पिचकारी-
केकर हाथ अबीरा छोरी-
मधुबन में श्याम खेलेला गुजरिया-
केकर हाथ मधुरी बंसुरिया-
केकर पांव पैजनियां हो-
मधुबन में श्याम खेलेला गुजरिया...
Posted on: Mar 23, 2016. Tags: ARTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
गुन-गुन लागे दुःख भारी गुन-गुन लागे दुःख भारी.....एकता गीत
ग्राम-दहजवार, पोस्ट-बलरामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आशा यादव एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
गुन-गुन लागे दुःख भारी गुन-गुन लागे दुःख भारी-
सुन तो एकता बिना गावें लागे सुन्ना रे नहीं बाचे बस्ती-
गुन-गुन लागे दुःख भारी-
गांव ला बचाए खातिर आओ दीदी आओ-
लइका सयान सब भूत ला बनाओ-
तब नाहीं करिहा कौनों हलकानी रे नहीं बाचे बस्ती-
गुन-गुन लागे दुःख भारी...
Posted on: Mar 22, 2016. Tags: ARTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
एक ता समय फगु मधुपुरे जाई अभिका मान्बिला खाई....करमा गीत
ग्राम-जावर, जिला-बलरामपुर से मंगल एक करमा गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, गीत में पहली बारिश के समय का वर्णन है कि कैसे मोर नाचने लगते हैं, मेढ़क टर्र-टर्र करने लगते हैं, मौसम कितना आनंददायक हो जाता है:
एक ता समय फगु मधुपुरे जाई अभिका मान्बिला खाई-
कोई नाहीं खभरी जनावे अषाढ़ तपहूं चियाएं.....
Posted on: Feb 07, 2016. Tags: ARTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ले दा पापा येरन्छप चदरिया जाये के बेरियां...विदाई गीत
ग्राम-दहजवार, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुमारी आरती यादव एक विदाई गीत प्रस्तुत कर रही हैं जिसे बेटी की बिदाई के समय गाया जाता है:
ले दा पापा येरन्छप चदरिया जाये के बेरियां-
पापा बीसरि जइहें मम्मी बीसरि जइहें-
ना बिसरे हिरदा लाल भतीजवा जाये के बेरियां-
ले दा पापा येरन्छप चदरिया जाये के बेरियां...
Posted on: Jan 07, 2016. Tags: ARTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
सर्वशिक्षा अभियान के मचल बाटे हल्ला, माई रे, पढ़े जाईब...भोजपुरी शिक्षा गीत
ग्राम- इदरीकला, ब्लॉक-कुसुमी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सर्वशिक्षा अभियान के सन्दर्भ में सुनील कुमार भारतीय भोजपुरी में एक जागरूकता गीत गा रहे हैं:
सर्वशिक्षा अभियान के, सर्वशिक्षा अभियान के-
मचल बाटे हल्ला, माई रे ! पढ़े जाईब-
गउएं में खुलल पाठशाला, माई रे ! पढ़े जाईब-
स्कूल में मिलेला, कॉपी अउर कलमवां-
कि अउर मिलेला मध्यान्ह भोजनवां-
सोचा मत बइठल रहा, अब पढ़े चला-
माई रे ! पढ़े जाईब-
गउएं में खुलल पाठशाला, माई रे ! पढ़े जाईब...
