गूंजे गूंजे गूंजे कोयलों की कूके...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेंद्र गंधर्व एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
गूंजे गूंजे गूंजे कोयलों की कूके-
न गूंजे न गूंजे बम और बंदूके-
जीवन के बस तीन निशान रोटी कपड़ा मकान-
कोई न इनसे वंचित हों पुरे हों इनके अरमान-
खेतो में फसले हों कभी न हो वो सूखे-
यही हमारा सपना है यही हमारी अभिलाषा-
ढाई अक्षर प्रेम के हों बोले चाहे कोई भी भाषा...
Posted on: Jan 26, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHRAV
देश की बेटियां की हमारी देश बेटियां...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं :
देश की बेटियां की हमारी देश बेटियां-
देश की महिमा बढाती आई है बेटियां-
इंद्रा गाँधी ने संभाली देश की बागडोर-
महादेवी वर्मा की चर्चा व्याप्त है चारो ओर-
झुलम मितानी किरण वेदी सिददू और सानिया-
देश की महिमा बढाती आई है बेटियां-
ये चाहे तो बस में कर ले चाँद और तारे...
Posted on: Jan 25, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
अंगना मा भारत माता के, उचे बिहनिया ले चिरैया बोले...गीत-
खैरागढ़, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक गीत सुना रही हैं:
अंगना मा भारत माता के-
सोन के बिहनिया ले चिरैया बोले-
एक बरस में बारह महिना बारह सितम कुछ लागे-
संझा के बेरा ला का कहों संगी-
लाल कमल कस फूले-
अंगना मा भारत माता के-
उचे बिहनिया ले चिरैया बोले...
Posted on: Jan 25, 2020. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व अभिलाषा विद्यालय के शिक्षक बता रहे हैं अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस प्रतिवर्ष 24 जनवरी को पूरे विश्व में मनाई जाती है| संसार जिस प्रकार बालक का है उसी प्रकार बालिका का भी है क्योंकि दोनों से ही संसार चल रहा है, दोनों के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती है तो क्यों बालिका का सम्मान न हो, उस पर अन्याय और अत्याचार क्यों हो ये होना अत्यंत दुखदाई है वो भी मनुष्य है उसे भी मनुष्य का दर्जा देते हुए सम्मान करना चाहिए उसे भी आसमान छूने की अभिलाषा है |हर माता-पिता का कर्तव्य है इसे निभाने के लिए आज ही संकल्प लें और इसी तरह बालिकाओं का भी ध्यान रखें और आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करें |
Posted on: Jan 25, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
अति भोजन हानिकारक है...दोहा-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व दोहा सुना रहे हैं :
अति भोजन हानिकारक है-
हानिकारक है अति मिठास-
हानिकारक है अति निकटता-
हानिकारक है अति विश्वाश-
अति मीठा न बोलिये मन में लोभ सरकार होय-
चिकित्सा कही न हो सके आजीवन तू रोय-
पालिये घर में भले चाहे बिच्छू सांप...
