काहे के टगुली कहाँन लागे बेट मोर सुवा रे...सुगा गीत-
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर,जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक सुगा गीत सुना रहे है:
काहे के टगुली कहाँन लागे बेट मोर सुवा रे-
कोन छाय ला बसा का राजा राम सुआ-
सोन के टागुली रुपे लागे बेट मोर सुवा रे-
पकर छाये मा साका सोंन तागी लागे रूप-
एडयो कार कहा से आ गारी ला फास-
रे सुवा रे माग बोगरी बिना डार...
Posted on: Mar 20, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
16 अप्रैल के आदिवासी सामूहिक विवाह हेतु पंजीयन करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2017 को...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया 16 अप्रैल को होने वाले आदिवासी सामूहिक विवाह हेतु पंजीयन करने के बारे में जानकारी दे रहे है, देवी झरिया ग्राम रमकोला, तहसील प्रतापपुर जिला सूरजपुर में होने वाले सामूहिक विवाह उत्सव हेतु पंजीयन करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2017 है, जय गोंडवानालैंड आदिवासी हायर सेकण्ड्री स्कूल भेड़िया में पंजीयन का कार्य चल रहा हैं , आप पंजीयन हेतु फ़ोन कर भी बता सकते है कृपया पंजीयन करने के लिए आप इन नम्बरों पर भी कर सकते है- देव साय पोया@9009374863, सुखराज पोया@8720844576.वे अनुरोध कर रहे हैं कि कृपया इस सुविधा का अधिक से अधिक साथी लाभ उठाएं कैलाश सिह पोया@9575922217
Posted on: Mar 19, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
लोहार लड़के की कहानी-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कहानी सुना रहे है, गाँव में एक लोहार का लड़का रहता था, वह बकरी चराता था जंगल में दिनभर रहता था शाम को घर जाता था, एक दिन अचानक पानी आया और नदी में बाढ़ आ गई, लड़का परेशांन हो गया रात भर लोहार का लड़का वहीं परेशान होता रहा. रात भर पेड़ पड़ बैठा रहा और रात भर सोचता रहा गीत के माध्यम से-
कहा पाऊ खाना पिना, कहा डोडा खाना भाई, नहीं दिस आगे की जोत...(सोचे और कहे ) कहा पाऊ खाना पीना, नहीं दिसे आगे की जोत...(तो जंगल में रात में कहा से दिखे जोत, रास्ता बेचारा रात भर लोहार का लड़का जंगल में परेशान होता रहा | कैलाश@9575922217
Posted on: Mar 18, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
लोहा के कारखाना खुला है भिलाई में, सेठ मजा मारथे गरीब के कमाई में...गीत
ग्राम देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया भिलाई इस्पात संयंत्र पर एक गीत गा रहे है और साथ में उस गीत को सीटी के माध्यम से भी सुना रहे हैं :
लोहा के कारखाना खुला है भिलाई में-
सेठ मजा मारथे गरीब के कमाई में-
Posted on: Mar 13, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई...समोसे पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया समोसे पर एक कविता सुना रहे है:
त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई-
आलू और खटाई खाई, खाया सारा मिर्च मसाला-
मुह तो छोटा सा है, लेकिन तेल कढ़ाई भर पी डाला-
इतना सारा खाया फिर भी प्याज मंगाते लाज ना आई-
त्रिकोने समोसे भाई,गरम-गरम खाए हम सब कुछ-
फिर भी नरम तुम्हारी काया, सोच-सोच हैरान बहुत हूँ-
समझ न पाया तेरी माया....
