रमता जोगी बहता पानी माँ के कहे ऐ कहानी...भक्ति गीत-
जिला-मुंगेर,राज्य-बिहार से दीपक कुमार जी भक्ति गीत सुना रहे है:
रमता जोगी बहता पानी-
माँ के कहे ऐ कहानी-
माँ का नाम सदा रहता है-
बाकी सब कुछ पानी हां हां-
माँ ही मंदिर माँ ही पूजा-
माँ से बड़के कोई ना दूजा-
माँ का पुन से जगत बना है-
ईश्वर को भी माँ ने जना हैं-
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
तोर चरण मा कर्मा माता दिन रात नवाव माथा...भक्ति गीत-
जिला-मुंगेली, छत्तीसगढ़ से मुकेश राजपूत एक गीत सुना रहें है:
तोर चरण मा कर्मा माता दिन रात नवाव माथा-
तोर जय होयें तोर भक्तिन दाई जय होयें तोर-
दानी राम कहाके घर मा तोर होईस अवतारी-
तय एकादसी मा आयें कुल मै करें उज्यारी-
दानी राम कहाके घर मा तोर होईस अवतारी-
तोर लीला के सुख दाई महिमा गुनी जन गाई-
तोर चरण मा कर्मा माता दिन रात नवाव माथा...(182077) GT
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
राम भजन गुण गाओ रे अब बीते उमारिया...भजन-
ग्राम-ढोकाम,पंचायत-बिरगाली,तहसील-बास्तानार,जिला-बस्तर,राज्य-छत्तीसगढ़ से जीवन कुमार जी राम भजन सुना रहे है:
राम भजन गुण गाओ रे अब बीते उमारिया-
बीते उमारिया हो बीते उमारिया-
याद आयी है कागज कि पुडियां-
हवा लग उड़ जाई रे अब बीते उमारिया-
बीते उमारिया हो बीते उमारीया-
ये जीवन है माटी का डेला-
पानी लग गुल जाई रे अब बीते उमारिया...ID(181868 )R.M
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
अपने आँचल कि छैंया में जब भी मुझे सुलाओ माँ...भजन-
राज्य-राजिस्थान बीकानेर से नारायण भजन सुना रहें हैं:
अपने आँचल कि छैंया में हो हो-
अपने आँचल कि छैंया में जब भी मुझे सुलाओ माँ-
तुम लोरी कि जगह में श्याम कि पावन कथा सुनाओ माँ-
रोज सवेरे जय बाबा कि बोलके मुझे जगाओ माँ-
तुम लोरी कि जगह में श्याम कि पावन कथा सुनाओ माँ-
समर भूमि में श्री कृष्णा ने राश लीला रचाई थी-
ID(182057)R.M
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
मन से जन्म अनमोल रे मिट्टी में मत घोल रे...भजन
विकानेर, राजस्थान से नारायण सिंह एक भजन सुना रहें है:
मन से जन्म अनमोल रे मिट्टी में मत घोल रे-
अब जो मिला है फिर ना मिलेगा कभी नही रे-
मनुष्य जन्म अनमोल रे मिट्टी में मत घोल रे-
राम नाम तू बोल रे जीवन में रस घोल रे-
अब जो मिला है फिर ना मिलेगा कभी नही रे-
तू है जीवन पानी का मत कर जर बयानी का-
मन से जन्म अनमोल रे मिट्टी में मत घोल रे...(181883) GT
