दादा ले पिटेले लेआई देवारोए....माडिया गोंडी भाषा में गीत
ग्राम-टेमरूगाँव जिला-कोंडागाँव छत्तीसगढ़ से रज्जू और वकुलराम कोर्राम एक माडिया गोंडी भाषा में गीत सुना रहे हैं:
दादा ले पिटेले लेआई देवारोए-
दादाये आईले कोकोरेंग कोर-
दादा किकीरिंग कीर लेआई-
देवा रोए दादाये आईले-
कोकोरेंग कोर दादा आदे...CS
Posted on: Jun 07, 2020. Tags: GONDI KONDAGAON CG MADIA SONG RAJJU WAKULRAM KORRAM
Bhamragad (Gadchiroli) Bultoo (Bluetooth) Radio in Gondi : 6th June 2020...
श्रोताओं आज हम लेकर आये हैं बुल्टू रेडियो जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं सैते दुग्गा और जागेश्वर परस्ते इस रेडियो कार्यक्रम में खेती के बारे में बता रहें है उनके बारे में बताते हुये, जागरूकता सन्देश दिया जा रहा है इसमे लोग गीत गा रहे हैं इस पर चर्चा कर रहे हैं, इन संदेशो को आप सीजीनेट के नंबर 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं और cgnetswara.org पर डाऊनलोड किया जा सकता है, जिन इलाके में इंटरनेट की सुविधा नहीं है इसे ब्लूटूथ से शेयर कर सुनते हैं, स्मार्ट फोन में बुल्टू एप का उपयोग कर संदेश सुनते और रिकॉर्ड करते हैं |
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BULTOO DUGGA GONDI JAGESHWAR MADIA PRASTE RADIO SAITE
निया मैया माई अन्ता निया मैया इगन मन्ता...गोंडी गीत
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से सगनी दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रही है:
निया मैया माई अन्ता-
निया मैया इगन मन्ता-
नन्ना मुन्ने हसमंदन-
निम्मा नक जीवा इतीन-
अचोन नन्ना निकुन जोहार किया कान..CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GONDI SONG SAGNI DUGGA
रिरीलोयो रिला रेला ले...माडिया गीत
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से माली चैतु कलमुटी एक माडिया गीत सुना रही है:
रिरीलोयो रिला रेला ले-
देवन एलोय एलोय आलय आलय-
दीरेन दीरेन दाकड़ एलोय-
जमने दाकड़ चिरो चिरो कुरे-
आ चिरो कुरे एलो एलो देवान-
धीरे धीरे दाकड़ एलो-
रिरीलोयो रिला रेला ले...CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GONDI MADIA SONG MALI CHAETU KALMUTI
हमारे यहां जंगल में हर तरह के जानवर है, भालू लोंगो पर कई बार हमला किया है...(माड़िया में)
नगर पंचायत-भामरागड, जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से देवजी पुंगाटी माड़िया गोंडी भाषा में मोहन यादव को बता रहे है इनके यहाँ अभी भी बहुत भारी जंगल है जंगल में हर तरह के जानवर रहते है जिसमे से ज्यादा भालू लोंगो पर कई बार हमला किया है कई कई लोग भालू के हमले से मर चुके है लोग अकेले जंगल में जाने से डरते है यदि जंगल में जाते है तो लोग इकट्ठा होकर जाते है तभी कुछ ला पाते है किसी पर यदि हमला हो जाता है तो सरकार को जानकारी मिलने पर मुआवजा दे देता है इसलिए हमारे यहाँ जंगल अभी बचा हुआ है|(168495).CS
