चुवातड-चुवातड पिल्वानू...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-रेंगावाही,पंचायत-गेदा,तहसील-एटापल्ली,जिला गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से मोहन कुमरा, कुछ ग्रामीण महिलाओं से माड़िया भाषा में एक गीत रिकॉर्ड करा रहे हैं. यह गीत आदिवासी समाज में शादी के समय गाया जाता है:
चुवातड-चुवातड पिल्वानू-
चिमड़वाता-चिमड़वाता मामा इन्दा की-
वाडारोसो-वाडारोसो मामा दाकन-
तड़ातड़-तड़ातड़ पिल्वानू-
जाबुरवाता-जाबुरवाता मामा इन्दाकिन...
Posted on: Sep 13, 2015. Tags: Mohan Kumra
पापे ड़े दादा सेडो ये मुइतान...गोंडी गोटुल गीत
ग्राम-ताड़वेल्ली, पंचायत-गेंदा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से मोहन कुमरा, गाँव के युवक-युवतियों द्वारा गोटुल में नृत्य करते हुए माडिया भाषा में गाए जा रहे गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. यहाँ माड़िया आदिवासी समाज के लोग रहते हैं. गीत में यह कहा जा रहा है कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त फल या अनाज का सेवन उत्सव मनाने के बाद ही किया जाता है:
पापे ड़े दादा सेडो ये मुइतान-
सेडो ये मुइतान पिस गयो रे ये लो-
सिंगरन दे सिंगरन पुपुल सिंगरन...
Posted on: Sep 12, 2015. Tags: Mohan Kumra
रे रे लो यो रे रे ला, रे रे लोयो रे रे रेला...गोंडी गोटुल गीत
ग्राम-एकराखुर्द, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से गाँव की महिलाएं रेला गीत गा रही हैं. महिलाएं गोटुल में नृत्य के दौरान यह गीत गा रही हैं. गीत में यह बताया जा रहा है कि आदिवासी समाज के लोग जंगल में रहकर भी किस तरह के सांस्कृतिक आयोजन किया करते हैं:
रे रे ला रे रे लोयो रे रे रेला रे रे लोयो रे रे रेला-
चोलागारी तिन्वाले, तिन्वाले ये मम राजो-
रे रे लो यो रे रे ला, रे रे लोयो रे रे रेला-
गेड़ रात मनवाले, मनवाले ये मम राजो-
रे रे लो यो रे रे ला, रे रे लोयो रे रे रेला.
Posted on: Aug 31, 2015. Tags: Mohan Kumara SONG VICTIMS REGISTER
Farming on forest land from 25 yrs, Waiting for lease 2 yrs after application...
Mohan Singh Dawar is calling from Borani village in Kannaud tehsil of Dewas district in Madhya Pradesh and says they are farming on forest land from more than 25 years and filled claim form for forest right lease with 14 others. It was approved by Gram panchayat and forest rights committee but they haven’t got lease yet. They are requesting for help. Please call Collector@07272-250111, 252111, Tribal Welfare Department@9827522881 and DFO@9424792125 to help. Mohan Singh Dawar@9753618735.
Posted on: Aug 02, 2015. Tags: FOREST LAND MOHAN SINGH DAWAR SONG VICTIMS REGISTER
ढूँढ रहे हैं सारे बच्चे, कहां खो गया प्यारा बचपन...
ग्राम-छतरपुर, तहसील-घुघुरी, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से बच्चों की शिक्षा-दीक्षा व उनके बालपन पर आधारित एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
ढूँढ रहे हैं सारे बच्चे, कहां खो गया प्यारा बचपन-
काम-कमाई के चक्कर में, दफन हो गया प्यारा बचपन-
कूड़े मे ढूँढता कबाड़ है, होटल मे है बर्तन धोता-
जूतों पर है पालिस करता है, सड़कों पर बोझा ढोता-
जंगल-जंगल धूर चराता, फिरता मारा-मारा बचपन-
ढूँढ रहे हैं सारे बच्चे, कहां खो गया प्यारा बचपन-
खेतों-खलियानों में खोटकर, खप जाता है प्यारा बचपन-
पुरखों से मृग लिया, उसी को पाट रहा बेचारा बचपन-
काम सीखना धूर चराना, भात पकाना बुरा नहीं है-
खुशी-खुशी श्रम के कामों में, हाथ बटाना बुरा नहीं है-
लेकिन बच्चों को शिक्षा से दूर हटाना बहुत बुरा है-
श्रम लेकर के संघ बनाकर, उन्हें कसाना बहुत बुरा है-
पड़ते-पड़ते काम सीखते, तो हो जाता न्यारा बचपन
ढूँढ रहे हैं सारे बच्चे, कहां खो गया प्यारा बचपन...

