किसान स्वर : अधिक फसल के लिए रासायनिक खाद का उपयोग करते है, पर स्वास्थ्य के लिए बुरा...

ग्राम-मरोड़ा, तहसील-पखांजुर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से विष्णु राम बता रहे है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा खेती धान और मक्का का किया जाता है जिसमे रासायनिक खाद का उपयोग किया जाता है जो पैदावार बढ़ाती है लेकिन उससे नुक्सान होता है, जैविक खाद से उगाया हुआ अनाज स्वादिष्ट और ताकतवर होता है | पूर्वज लोग बिना रासायनिक खाद के ही फसल उगाते थे और लम्बे समय तक जीवित रहते थे, लेकिन आज रासायनिक खाद का उपयोग करके उगाया हुआ फसल में स्वाद नही होता है और उसमे पौष्टिक आहार भी नही होता है, इसलिए सबसे ज्यादा गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए पर अधिक फसल के लिए हम लोग रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KISAN SWARA KOELIBEDA SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर: सरकारी खाद से स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता है पर हम अभी उसका ही उपयोग करते हैं...

ग्राम-पालनदी, पंचायत-जनकपुर, तहसील-पखांजूर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमर मरावी के साथ में संतराम गावड़े, देवदास गावड़े और सुनीता गावडे बता रहे है कि उनके गाँव में धान की उपज अधिक होती है, वे सरकारी खाद का प्रयोग कर धान की खेती करते हैं, खेती के लिए पहले जुताई करते हैं, उसके बाद रोपाई का काम किया जाता है और खाद डालते हैं, पहले किसान गोबर खाद का प्रयोग खेती में करते थे, लेकिन उर्वरक शक्ति कम होने के कारण अब सरकारी रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे हैं, पहले लोग गोबर खाद के प्रयोग से प्राप्त उपज का उपयोग करते थे, जो लोगो के स्वास्थ्य के लिए अच्छा था, लेकिन अभी रासायनिक खाद का प्रयोग करते हैं, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है |

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KISAN SWARA KOELIBEDA PAKHANJUR SONG VICTIMS REGISTER

सभी घरों में शौचालयों का निर्माण करवाया, लेकिन आदिवासी शौचालयों का उपयोग नहीं कर् रहे...

ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ में गाँव की महिला सरपंच वालोबाई करगामी गोंडी में बता रही है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत उनके गाँव में शत प्रतिशत सभी घरो में शौचालयों का निर्माण कराया है | लेकिन गाँव के लोग शौचालयों का उपयोग नहीं कर रहे है और वे लोग बाहर जंगल पहाड़ो में ही शौच करने जाते है| शौचालयों में सूअर को बांधते है| बोलने पर कहते है कि हम लोगो को शौचालयों में जाने की आदत नहीं है | गाँव के कुछ ही लोग उपयोग करते है | उनके गाँव में बंगाली लोग भी है वे सब लोग शौचालयों का उपयोग करते है | लेकिन आदिवासी शौचालयों का उपयोग नहीं कर रहे है |

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV TOILET

भारत सरकार द्वारा 1965 में बसाये गए 133 बंगाली शरणार्थी गाँव में विकास की आवश्यकता है...

ग्राम-अंजाडी, ब्लाक-कोयलीबड़ा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कृष्णकान्त विश्वास बता रहे है वे 7 साल से अध्यापक हैं, वे बांग्लादेश से आए हिन्दू शरणार्थी है, बंगाल विभाजन के समय उन्हें मुसलमानों के अत्याचार से भगाया गया था, तब इंदिरा गांधी सरकार ने उन्हें शरण दिया था, वे बता रहे हैं, उनका जन्म भारत में हुआ है, उनके पूर्वजो के अनुसार उनके परिवारों के सांथ, महिलाओ के साथ अत्याचार हुए और धर्मिक आस्था को ठेस पहुंचाया गया तब उनके पूर्वजो ने मन बनाया कि अब रहना मुश्किल है और वे भारत आ गए, उस समय सरकार ने उन्हें शरण दिया, और समानता का व्यवहार किया, वहां पर 133 गांव बंगालियों का बसाया गया है, 1965 से ये गांव बसे हैं, अभी भी वह गाँव का विकास नही हो पाया है |

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: CG KANKER KOELIBEDA RAJU RANA SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : सड़क नहीं है तो हम लोग जंगली देशी जड़ी-बूटियों से बीमारियों का इलाज करते है...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू दुग्गा बता रहे हैं कि उनके गाँव में रोड और नदी पर पुल नही है आने जाने में बहुत परेशानी होती है बीमार हालत में अस्पताल जा नही पाते हैं, इसलिए अधिकतर वे अपने इलाज जंगली जड़ी-बूटी से करते हैं, गाँव में अनेक तरह के गुनिया, वैद्य हैं जो अलग-अलग बीमारियों का इलाज करते हैं| उन्ही के पास से देशी उपचार करवाते हैं, जैसे सांप, बिच्छु, मलेरिया, पेट में दर्द, सर्दी खांसी का पूरा इलाज देशी जड़ी-बूटी से करते हैं इनका असर नहीं होने से अंगरेजी दवाइयों का उपयोग करते हैं, ये सभी औषधीय पेड़-पौधे हमारे जंगल में ही मिल जाता है उनकी सुरक्षा करनी चाहिए...

Posted on: Sep 07, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER KOELIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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