रैलिया बैरन पिया को लिए जाए रे...लोकगीत -

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक लोकगीत सुना रहे है:
रैलिया बैरन पिया को लिए जाए रे-
जन टिकटवा से सैया मोरा जइये-
सैया मोरा जइये हो सैया मोरा जइये-
पानी बरसे टिकट गल जाए रे-
रैलिया बैरन पिया को लिए जाए रे...

Posted on: Jun 02, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

शिक्षा से लागल सनेहिया सजन हमरा साक्षर बना द हां...साक्षरता गीत

जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार भोजपुरी भाषा में एक साक्षरता गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
शिक्षा से लागल सनेहिया सजन हमरा साक्षर बना द हां-
साक्षर बना दा हमरा पढ़े-लिखे सिखा द-
चूड़ी औ लहंगा हमरा मनहूँ ना भावे-
कलम औ कॉपी मंगा द सजन हमरा साक्षर बना द ना-
गहना औ जेंवर हमरा मनहूँ ना भावे-
गुरूजी के दर्शन करा द सजन हमरा साक्षर बना द ना-
शिक्षा से लागल सनेहिया सजन हमारा साक्षर बना द हां...

Posted on: Jun 01, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

मोबाइल रेडियो पे, सुनिहा आपन बतिया...

बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुनील कुमार मोबाइल रेडियो के प्रयोग से सम्बंधित एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मिस कॉल करके बतिया बतइहा-
सुनी लिहा गाँव के कहानियां के-
मोबाइल रेडियो पे, सुनिहा आपन बतिया-
गीत-कहानी-चुटुकुला के हर पल तुहू बतइहा-
दादा-दादी नाना-नानी के मोबाइल रेडियो सुनइहा-
ध्यान-लगन से रिकॉर्ड करइहा गाँव के आपन कहानियाँ के-
मोबाइल रेडियो पे, सुनिहा आपन बतिया...

Posted on: Jun 01, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

युग निर्माता हम बच्चे, कल की आशा हम बच्चे...बाल गीत

जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक बालगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
युग निर्माता हम बच्चे, कल की आशा हम बच्चे-
चलते हैं हम शान से, डरते नहीं हैं-रुकते नहीं हैं आंधी और तूफ़ान से-
भाग्य विधाता हम बच्चे, कल की आशा हम बच्चे-
खुशियाँ ही खुशियाँ आएंगी जब हम नाचे-गाएंगे-
हमें बधाई देने को फिर परियों के दल आएंगे-
धूम-तमाशा हम बच्चे, नाचे ता थइ हम बच्चे-
जीना हमको आता है, मौन न एक पल भाता है-
चाँद-सितारों से तो अपना जन्म-जन्म का नाता है-
खीर-बतासा हम बच्चे, कल की आशा हम बच्चे-
युग निर्माता हम बच्चे, कल की आशा हम बच्चे...

Posted on: Jun 01, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

देश की जनता भूख से मरती...कविता -

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार विनय महाजन की एक रचना सुना रहे है:
देश की जनता भूख से मरती-
देखो भ्रष्ट्राचारी बेरोजगारी ठेकेदारी महँगाई की मार है-
देखो भ्रष्ट्राचारी बेरोजगारी ठेकेदारी महँगाई की मार है-
धर्म-धर्म खेलने वाले तू हमारे देश में-
बेईमानों नें डेरा डाला इन्सानों के देश में-
इन्सानों के देश में....

Posted on: Jun 01, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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