नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया...चार बाल कविताएं
स्मिता कुमारी ग्राम-रहुआ, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से बाल कविताएं सुना रही हैं:
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया-
बांकी जो बचा था सारे चोर ले गए-
खाके-पीके मोटे होक बैठे रेल में-
केले वाला डिब्बा सीधे कटके गया जेल में-
पाले खान ने मोटे खान ने उनसे अगली चोरों की-
अच्छी नानी प्यारी नानी गुस्सा उस्सा छोड़ दे-
जल्दी से तू पैसा दे दे तू कंजूसी छोड़ दे-
2
ची-ची चिड़िया बोली-
अब मत खेलो आँख मिचौली-
शाम हुयी अब जाओ घर-
मान को लगता होगा डर-
सुबह-सबेरे जल्दी उठना-
उठकर झटपट मंजन करना-
नियम से पढना-
नियम से लिखना-
खेल-कूद में समय नष्ट न करना-
माँ का हरदम मानना – ऐसे राजा बेटे बनना...
3
तितली उडी बस में चढ़ी-
सीट न मिली रोने लगे-
ड्राइवर ने बोला आ मेरे पास-
तितली ने बोली हट बदमाश...
4
ऊपर पंखा चलता है-
नीचे बेबी सोती है – सोते-सोते भूख लगी-
खाले बेटा मूंगफली-
मूंगफली में दाना नहीं-
हम तुम्हारे मामा नहीं-
मामा गए दिल्ली-
दिल्ली से लाये बिल्ली-
बिल्ली ने मारा पंजा-
मामा हो गए गंजा...
Posted on: Jul 09, 2016. Tags: SONG Smita Kumari VICTIMS REGISTER
फसल कटी खुशबु आसमान, सबके घर में हुआ अनाज...बाल कविताएं
किलकारी बालकेंद्र मुजफ्फरपुर (बिहार) से शशी कुमारी एक कविता सुना रही हैं:
फसल कटी खुशबू आसमान,सबके घर में हुआ अनाज-
इसमें कोई भेद नहीं इसको कोई खेद नहीं-
खुद पूजा करे या पढ़े नमाज, सब कोई खाता यही अनाज...
2
एक था राजा का बेटा, दो दिन बिछावन पर लेटा-
तीन डॉक्टर दौड़े आये, चार दवा की पुडिया लाये-
पांच मिनट उसको समझाए, छः छः घंटे बाद पिलाये-
सातवे दिन वे आँखे खोले, आठवे दिन माता से बोले-
नवे दिन कुछ हिम्मत आई, यही तो गिनती सीख लो भाई...
Posted on: May 29, 2016. Tags: SHASHI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
आशीष तुझसे चाहते हैं, हे स्वर्ग पिता हम आते हैं...धर्म गीत
ग्राम-जामपानी, पोस्ट-लिलासी, ब्लाक-मेंरपुर, तहसील-दुद्धी,जिला-सोनभद्र (उ.प्र.) से
खुशबू कुमारी एक धर्मं गीत सुना रही हैं :
आशीष तुझसे चाहते हैं – हे स्वर्ग पिता हम आते हैं-
ना कोई खूबी हैं ना नियाकत – बच्चो हमको अपनी ताकत – आशीष तुझसे चाहते हैं-
हे स्वर्ग पिता हम आते हैं-
Posted on: Apr 21, 2016. Tags: KHUSHBU KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना....भोजपुरी में झूमर गीत
किलकारी बालकेंद्र, मुजफ्फपुर, बिहार दीपा कुमारी भोजपुरी में एक झूमर गीत सुना रही हैं:
तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना-
कि हमरा झुलनी बिन तरसवला बलमजी तोहरा से बोलब ना-
बाग़ लगवला ना ए बलमजी बगीचा लगवला ना-
कि हमरा निंबुआ बिन तरसवला बलमजी तोहरा से बोलब ना-
तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना....
Posted on: Mar 30, 2016. Tags: DEEPA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
वायकि वायकि उसर ते आवर गुटू दे...गोंडी लोकगीत
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से कक्षा-आठवीं का एक छात्रा दीपा कुमारी गोंडी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहीं है, इस गीत के माध्यम से बता रही हैं कि आदिवासी लोग अपना जीवन किस तरह से बिताते हैं :
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला-
वायकि वायाकि उसर ते आवर गुटू दे-
निया नवा पोल्लों ते नाड़ गुटू दे-
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला
गोढ़ेल मर्श पोय्या ना वालें हिदी-
हिच्का गोपा ना वाले हिदी ना-
इद मावा जिनगी रंड दिया न-
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला-
