राशन कार्ड की चावल नहीं मिल रही हैं कृपया मदद करे...
ग्राम-तिरोत तोडावाढ,ब्लाक-झारीडा,जिला- बोकाड़ो,झारखण्ड से शिवनारायण मतों बता रहे हैं उसका राशन कार्ड कमला महिला संग पीड़ित एस दुकान में था |उसे उचित राशन मिलता था,लेकिन जुलाई 2020 में उसका राशन कार्ड किरान कुमार नायक के पीड़ित एस दुकान असतानंद कर दिया गया हैं|अभ उनके परिवार वालों को राशन लेने में हर महिना परेशान हो रहे हैं कमला माहिला संग पीड़ित एस दुकान में राशन कार्ड को वापस करने के लिए सीजीनेट में रिकॉर्ड किया था लेकिन नहीं आया जुलाई 2021 क्रिसी किरण में एक बच्ची अंगूठा नहीं लगा तो दिलार कुमार ने उनका 10 किलो चावल काट लिया इसलिए सीजीनेट के श्रोताओ से मदद की आपिल कर रहा हैं
Posted on: Aug 17, 2021. Tags: BOKADO CARD JHARKHAND PROBLEM RATION SHIVNARAYN MATO
रे रे लोयो राला रेरेलोयो रला...गोंडी गीत-
ग्राम-पुसागाँव, पंचयात-पालकी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सोनारी, बसंती, मनी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रे लोयो राला रेरेलोयो रला-
रे रे लोयो रे रेला-
रेलो रेरेला रे रे लोयो
रला रे रे लोयो...
Posted on: Aug 12, 2021. Tags: CG GONDI MATRA NARAYANPUR SONG SUKHDAI
अरे काया गुजिड़े यडी काया गुजिर नानो गयूर गयूर ना...गोंडी गीत-
ग्राम-चल्लम नगरम, पंचायत-गुंडलपाडू, तहसील-मुलकलपल्ली, जिला-भाद्रदी कोठागुडम (तेलंगाना) से मडकाम वेंकाडछी, सोडिता रोग्वे, मडकाम दुरकंदा,
राज्य तेलंगाण से मडकाम कांकनू के साथ गोंडी भाषा में गीत सुना रही है|
रेरे लायो रे रेला, रेरे लायो रेला रेला रेला रेला रे ला-
यो दोनों सोनो लो सुन बेरू सोलोल नोन-
अरे काया गुजिड़े यडी काया गुजिर नानो गयूर गयूर ना-
Posted on: Aug 10, 2021. Tags: BHADRADI KOTHAGUDEM GONDI NARAYANA SONG TELANGANA
छत्तीसगढ़ गोंडी गीत : रे रे लोयो रेला रे रे ला रे ला रे रे ला...
ग्राम-नेतानार, पंचायत-कोलयारी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रामोती कोर्राम गोंडी में गीत सुना रही है:
रे रे लोयो रेला रे रे ला रे ला रे रे ला-
ढोड माढ़ी बारंग दिय दोय-
पार्रा गां माढ़ी मुन्जला दोय-
रे रे लोयो रेला रे रे ला रे ला रे रे ला
Posted on: Aug 09, 2021. Tags: GONDI KEERTI SAHU NARAYANPUR CG SONG
पीड़ितों का रजिस्टर : पुलिस द्वारा ना पकड़े जाने पर नक्सलियों ने मुखबीर करार दिया...
सोमाराम उसेंडी, ग्राम कुतुल तहसील ओरछा जिला नारायनपुर, बताते हैं कि वे नक्सलियों द्वारा मारे जान के डर से 2016 से नारायणपुर में रहते हैं व रोजी मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। वे अपने गाँव के बाकी लोगों की तरह ही नक्सलियों के संपर्क मे थे। उनके घर छोड़ कर भागने की कहानी तब शुरू होती है जब वे एक दिन सुबह खाना कहा रहे थे। चूंकि उनके गाँव में एक नक्सली मारा गया था, एक पुलिस की टुकड़ी गश्त के लिए उसी समय उनके गाँव पहुंची। नक्सलियों के आस पास होने के कारण उनकी पुलिस से मुठभेड़ शुरू हो गई। जब पुलिस वापस चले गई, तब नक्सलियों को संदेह हुआ कि पुलिस ने सोमाराम को पकड़ा क्यूँ नहीं और इसी आधार पर उनपे मुखबिरी का आरोप लगाया। मारे जाने से के डर से वे रातों रात गाँव छोड़ कर नारायणपुर भाग आए। इसी बीच पुलिस ने उनके घर पे 2 बार दबिश की। जब नक्सलियों को खबर मिली की वह नारायणपुर भाग गए हैं, तो उनका संदेह और मजबूत हो गया कि वे पुलिस को माओवादियों की खबर पहुंचाने गए हैं। जब वे लौट कर अपने घर आए, तो गॉंव वालों ने बताया कि नक्सली उन्हें मारने की फिराक मे हैं। इसी डर से वे दुबारा नारायणपुर भाग आए और तब से यहीं रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है लेकिन सरकार से ना जमीन मिली है ना ही कोई सहयोग राशि। संपर्क नंबर@7647938065.
