ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा... नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा-
दुनिया में पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
दुनिया के चोरी हारी में ना जाबे रे मनवा-
पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा...(183426) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: NAGAPURI SONG VICTIMS REGISTER
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
दिन बीतथे रे बहिन मन आत्मा के सजावा-
हायरे दुनिया मिट जा हायरे सुंदर काया मट्टी में मिल जा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
येशु के वचन के आवा सुना भैया-
महसी के वचन के दिल में जुगावा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...(183425) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: NAGAPURI SONG VICTIMS REGISTER
नागपंचमी पर्व के बारे में जानकारी...
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा मध्यप्रदेश से कौशल किशोर बता रहे है कि सावन के महीने में नागपंचमी का त्यौहार सब लोग हंसी ख़ुशी से मनाते है और इस त्यौहार में अच्छी-अच्छी चीजे मिठाई गुजिया बनाकर के सब छोटे बड़े लोग खाते है और सुबह उठकर नहा धोकर नाग देवता को दूध पिलाते है और यही खुशियाँ लेकर बड़े-बड़े पेड़ो में झुला बांधकर झूलते है | सब लोग गाते बजाते है | यह परम्परा कई सालो से मनाते आ रहे है | संपर्क@7024891084.
Posted on: Jul 25, 2020. Tags: FESTIVAL NAGPANCHMI KOUSHALI KISHOR REWA MP SONG VICTIMS REGISTER
सूरज के आते भौर हुआ लाठी ले जिनका शोर हुआ...नागपंचमी कविता-
जिला-राजनंदगाँव छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गन्धर्व आज नागपंचमी का पर्व है, कई लोग उपवास करते है नागदेवता को दूध पिलाते है और कामना करते है कि उनके जीवन में सुख शांति रहे है, पहले तो कुश्ती हुआ करती थी स्थान-स्थान में और आज भी हुआ करती है| उसी सम्बंधित एक कविता सुना रहे है :
सूरज के आते भौर हुआ-
लाठी ले जिनका शोर हुआ-
यह नागपंचमी झम्मक झम-
यह ढोल डामाका झम्मक झम-
मल्लो की जब टोली निकली-
चर्चा निकली फैली गली-गली...
Posted on: Jul 25, 2020. Tags: NAGPANCHMI POEM RAJNANDGAON CG SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
पत्थर की छत के विशेषता के बारे में जानकारी...
पुजारी पारा, ग्राम-गुडिया, पंचायत-चितलगुर, ब्लाक-जगदलपुर, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा बोल रहे है कि अभी वे पुजारी पारा में है, और वहां पर जो घर के ऊपर जो छत बनाया जाता है वो ज्यादातर कपरा या अल्वेस्टर का उपयोग किया जाता है | लेकिन वहां पर पत्थर का छत है उसके बारे में दयारू नाग बता रहे है कि पत्थर का छत से पानी नीचे नहीं छूता है | तूफान आने से पत्थर के वजन के कारण तूफान भी उसको उठा नहीं पायेगा | इससे सुरक्षा और किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा | यह मरेंगा रामचरगीपाल से लाते है. दयारू नाग@7489978221.
