वनांचल स्वर: जो मनुष्य रोज कड़वी नीम का पत्ती चबाकर खाता है, उसे कोई बीमारी नहीं होती है...
कडवा नीम हर जगह मिल जाता है, उसका फूल अभी खिला हुआ है| उसका फूल सब्जी बनाने के काम में आता है, उसे बडी, भटा के साथ बनाया जाता है| वह शरीर के लिए बहुत लाभदायक है| पेट और खून को साफ़ करता है, नीम के पत्ते को पीसकर भी पीया जाता है उससे शुगर को नष्ट करता है| जो मनुष्य रोज नीम का पत्ती चबाकर खाता है| उसे कोई बीमारी नहीं होता है इसलिए नीम हमारे जीवन के लिए बहुत फायदेमंद वृक्ष है| नीम का दातून भी किया जाता है वह हर जगह मिल जाता है| नीम के निबोली (फल) को भी खाया जाता है| उसे चिड़िया भी बहुत चाव से खाते है. नीम के पत्तो से धुंआ करने मच्छर भाग जाते है| इसलिए नीम का पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी है| कन्हैयालाल पडियारी@9981622548
Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : खून की कमी दूर करने का घरेलू इलाज-
मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी. गांधी आज हम सभी को खून की कमी को दूर करने का घरेलु उपचार बता रहे हैं, इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति अंजीर का फल तीन नग लेकर उसे बीच से दो तुकडे कर ले और और तीन चम्मच शहद, दोनों को एक गिलास दूध या पानी में डालकर रात को रख दे और सुबह सेवन करें, इसके अलावा तीन चम्मच शहद दूध या पानी में मिलाकर पीयें, उसके बाद एक घंटे तक कुछ ना खाएं, 21 दिन तक सुबह-शाम सेवन करने से खून की कमी को दूर किया जा सकता है खाने में तेल, खटाई, मिर्च, मसाला, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग ना करे, नशा ना करे, संतुलित भोजन का सेवन करें | वैद्य एच.डी. गांधी @9111061399.
Posted on: Apr 08, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: इमली का लाटा बनाने की घरेलू विधि...
इमली के लाटा धूप, गर्मी के दिनों लिए बहुत लाभदायक होता है, बुखार में अक्क्सर मुंह का स्वाद बदल जाता है तो इमली का लाटा खाने से फ़ायदा होता है. इसे घर में आसानी से बनाया जा सकता है: लाटा बनाने की सामग्री-सूखा इमली, गुड़, नमक सूखा मिर्च, खड़ा धनिया, हरी मिर्च एवं लाटा में लगाने के लिए एक पतला बास की लकड़ी. विधि- इमली को सील पत्थर (सील बत्ते) पर कुचलकर दाने अलग निकाल दे. फिर थोड़ा और कुचले, अब सूखा मिर्च के टुकड़े कर इमली में मिश्रण करे उसके बाद थोड़ा और कुचले अब स्वाद अनुसार खड़ा धनिया, हरी मिर्च, नमक, गुड़ बनाए हुए मिश्रण में डालकर अच्छा मिश्रण कर कुचल ले अब कूटे हुए लाटा मिश्रण के गोले को बास की लकड़ी लगा दे, अब लाटा बनकर पूरी तरह तैयार है| आप स्वाद ले सकते है.
Posted on: Apr 08, 2018. Tags: SARLA SHRIVAS SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुए को हम आदिवासी कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है...
ग्राम-भुरियालदंड, तालुका-कोरची, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दशरू कुमरे महुए का उपयोग किस-किस काम के लिए किया जाता है, उसके बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि मध्य भारत के आदिवासी इलाकों में महुआ का उपयोग खाने के साथ में भी किया जाता है और इसे कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है| इसको कंडे के साथ भुन्जकर भी खाया जाता है| महुआ का दारू भी बनाया जाता है इससे हमारा रोजगार भी चलता है| महुआ को गाय बैलो को भी खिलाते है उससे उनका शरीर तंदुरुस्त रहता है| इस तरह हमारे लिए और हमारे पशुओं के लिए बहुत उपयोगी है, यह हमारे संस्कृति का भी हिस्सा है | रानेश कोर्चा@8459328717.
Posted on: Apr 06, 2018. Tags: DASHRU KUMRE GONDI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुआ और मक्का लाई का लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है...
सीजीनेट जनपत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बड़वार नवापारा, पोस्ट-गोविंदपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से कन्हैयालाल केवट को गाँव के देवीलाल नेटी और टिकाराम मरावी बता रहे है कि उनके गाँव के पास तमोर पिंगला नाम का जंगल है, उस जंगल से प्राप्त तेंदू, महुआ, चार, भेलवा, कंदमूल का उपयोग वे लोग खाने के लिए करते है, महुआ का लाटा बनाकर खाते है, लाटा को मक्का के लाइ के साथ कूटकर बनाते है| लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है, इससे आँखों की कमजोरी भी दूर होती है| इसलिए उनका कहना है कि लाटा को घर के सभी लोग अवश्य खाए और औरों को भी खिलाएं जिससे वे भी तंदरुस्त रहें |

