मंद मंद पवन मुझे रोज़ बुलाये, छोटा सा मन मेरा ठुमुक ठुमुक नाचे...गीत

ग्राम-केरकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-उतारी रोड जिला पलामू (झारखण्ड) से मैनी कुमारी एक गीत सुना रही है :
मंद मंद पवन मुझे रोज़ बुलाये-
मंद मंद पवन मुझे रोज़ बुलाये-
छोटा सा मन मेरा ठुमुक ठुमुक नाचे-
छोटा सा मन मेरा ठुमुक ठुमुक नाचे-
आशमा से देखूं तो क्या नजर आये-
आशमा से देखूं तो क्या नजर आये-
चंदा तारा सारा नजर आये-
चंदा तारा सारा नजर आये-
मंद मंद पवन मुझे रोज़ बुलाये-
मंद मंद पवन मुझे रोज़ बुलाये...

Posted on: Jun 07, 2017. Tags: MAINI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

आग लगे सोलह श्रृंगार हो, पापी दहेज़ के कारण...बघेली दहेज़ विरोधी गीत

ग्राम-पौढ़ी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी एक दहेज़ विरोधी गीत सुना रही है :
आग लगे सोलह श्रृंगार हो, पापी दहेज़ के कारण-
विधि का विधान पंडित, भेद हुइगा सारा-
पाए कम दहेज समधी, गरम हुइगा पारा-
मढ़ई एतर बैठे दुल्हे, गलवा फुलाए-
जब तक हीरो होन्डा, सामने न आए-
मंगिया ना भर हम, कुरितिया हो-
पापी दहेज़ के कारण...

Posted on: May 29, 2017. Tags: FULKUMARI TIWARI SONG VICTIMS REGISTER

गाँव के सुना सब नारी, संगठन के करा तैयारी...जागरूकता गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रिंकी कुमारी एक जागरुकता गीत सुना रही हैं :
गाँव के सुना सब नारी, संगठन के करा तैयारी – बिना रे संगठनमा के बने नहीं काममा-
कर ला लड़ैया अपन जारी,सुना हे बहिना करा तैयारी-
एक-एक ईटा मिलके बने ले मकानमा-
कर ला संगठन अपन जारी...

Posted on: May 26, 2017. Tags: RINKY KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से...बघेली बन्ना गीत -

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी बघेलखंडी भाषा में एक बन्ना गीत सुना रही हैं यह गीत विवाह के समय गाया जाता है :
मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से-
बीच बजरिया में मिल गई बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे पापा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे चाचा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली...

Posted on: May 24, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI SONG VICTIMS REGISTER

एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में...शिक्षा गीत -

ग्राम-नागाटोली, जिला-रोहतास, (बिहार) से हेमन्दरी कुमारी, एक शिक्षा गीत सुना रही है:
एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में-
देखो अनपढ़ रहे हम बहुत दिनों तक, कोई अनपढ़ रहे ना नए साल में-
एक दीपक जलाए नए साल में, आवों सबको पढाए नए साल में-
जो की शिक्षा की जग मग, करे हर तरफ-
आवों सबको पढाए, नए साल में-
सबको रोटी मिले, सबको कपड़ा मिले-
हम सभी पड़ने जाए, नए साल में...

Posted on: Apr 25, 2017. Tags: HEMNDRI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

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