वनांचल स्वर : महुए को हम आदिवासी कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है...

ग्राम-भुरियालदंड, तालुका-कोरची, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दशरू कुमरे महुए का उपयोग किस-किस काम के लिए किया जाता है, उसके बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि मध्य भारत के आदिवासी इलाकों में महुआ का उपयोग खाने के साथ में भी किया जाता है और इसे कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है| इसको कंडे के साथ भुन्जकर भी खाया जाता है| महुआ का दारू भी बनाया जाता है इससे हमारा रोजगार भी चलता है| महुआ को गाय बैलो को भी खिलाते है उससे उनका शरीर तंदुरुस्त रहता है| इस तरह हमारे लिए और हमारे पशुओं के लिए बहुत उपयोगी है, यह हमारे संस्कृति का भी हिस्सा है | रानेश कोर्चा@8459328717.

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: DASHRU KUMRE GONDI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

मन में है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब एक दिन...गीत

उटनूर, जिला-आदिलाबद (तेलंगाना) से भीमराव हम होंगे कामयाब गीत व्यंकटेश से सुन रहे है:
हम होंगे क़ामयाब, हम होंगे क़ामयाब एक दिन-
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब एक दिन-
होगी शांति चारों और, एक दिन हो हो, मन में है विश्वास-
हम होंगे क़ामयाब, एक दिन-
हम चलेंगे साथ साथ, डाल हाथों में हाथ, एक दिन हो हो-
हम होंगे क़ामयाब, एक दिन-
नहीं डर किसी का आज, एक दिन हो हो, मन है विश्वास-
पुरा है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब, एक दिन...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: BHIMARAO SHEDMAKE SONG VICTIMS REGISTER

भुरु पानी गाँव हमर, बड़ा सुंदर गाँव हे रे, बड़ा सुंदर गाँव...गीत

ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया अपने गाँव के बारे में गीत के माध्यम से बता रहे है:
भुरु पानी गाँव हमर बड़ा सुंदर गाँव हे रे, बड़ा सुंदर गाँव-
आदिवासी जन हवे, भय्या हो, आदिवासी जन हवे-
चले फिरे बढ़ रास्ता कठिन है, पानी नल कुआं के भी परेशानी है-
भय्या हो पानी पिये बर परेशानी है, दादा हो आये जाए बर परेशानी है-
लेकिन भुरु पानी गाँव हमर, बड़ा सुंदर गाँव हे रे, बड़ा सुंदर गाँव-
यहाँ कोया आदिवासी जन हवे...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: JAGDEV POYA SONG VICTIMS REGISTER

उड़िया कसन टगत हे जोन, हर बनते हमर सरकार...छत्तीसगढ़ी कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
उड़िया कसन टग हे-
जोन हर बनते हमर सरकार-
निकता-निकता ला ओमन खाते-
कमइया के जिन्दगी बेकार-
बैला कमाये घोड़वा खाए-
बैला के जीना हवे बेकार-
दिनभर नहना तोड़े बैला हर-
पावे रुका सुखा पहेरा खाए भर-
घोडा खाए दाना चबेना-
खड़े-खड़े मंजा ले पोगराय-
वैसन हमर देश में हवे-
टगवा निकता-निकता ला खाए...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल, मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल...गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी बैध भारतीय किसान यूनियन से जुड़े है, एक गीत सुना रहे है:
जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल-
मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल-
सबकी हिम्मत सबकी ताकत, सबकी मेहनत एक ही-
सबकी इज़ाजत, सबकी दौलत, सबकी किस्मत एक ही-
बलिदानों का ढेर लगा, इतिहास बदलता चल-
सबका मंदिर सबकी मस्जिद, गिरजा घर गुरुद्वारा-
हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई, भारत सबको प्यारा...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: LALJI VAIDYA SONG VICTIMS REGISTER

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