वनांचल स्वर : जंगल से हमे खाने को तेंदू, छार, महुआ, भेलवा इस तरह के फल मिलते हैं...
आश्रित ग्राम-सुरहित, ग्राम-परमेश्वरपुर, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामलाल मरकाम सीजीनेट के गणेश आयाम को बता रहे है कि उनका ग्राम जंगल बीचो बीच बसा हुआ है और उनको जंगल से कई प्रकार के फल मिलते है जलाऊ लकड़ी मिलता है, घर बनाने के लिए लकड़ी मिलता है और सीजन-सीजन में तेंदू, छार, महुआ, भेलवा, इस तरह के फल फूल मिलते है| उनके यहाँ के जंगल में उत्पाती जानवर भी है जैसे 15-20 साल से हाथी परेशान कर रहे हैं, हाथी घरो को गिरा देते है, फसलो का नुकसान बहुत करते है, पहले बन्दर परेशान करते थे पर अब बन्दर नहीं हैं | गणेश आयाम@9753553881.
Posted on: Apr 20, 2018. Tags: RAMLAL MARKAM SURAJPUR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : लाल फल या सब्जी खाने से कैंसर रोग में फायदा -
पारंपरिक जानकारों का मानना है कि जो लाल रंग के फल होते है या सब्जियां होती है उनको कैंसर के मरीज को जरुर खाना चाहिए और जिन लोगो को कैंसर हो चुका है और ट्रीटमेंट के बाद रिकवरी वाली स्टेज में है उन लोगो को ज्यादा तेज फ़ायदा होता है याने कैंसर के रोगों उपचार से लेकर निवारण से लेकर तमाम तरह के चिकित्सा के दौरान इन तरह के फलो और सब्जियों को उपयोग में लाने से काफी हद तक फायदा होता है| लाल रंग के जिनके छिलके होते है जैसे फल में स्ट्राबेरी या सेब या लाल रंग की सब्जियां जैसे टमाटर, गाजर, अंगूर होता है| इस तरह जिनके छिल्को में लाल रंग पाया जाता है उनको खाने की सलाह देते है| मजे की बात यह है कि आधुनिक विज्ञान मानता है कि लाल रंग के छिलके वाले फलों में एन्तोसाइनिन नाम का पिगमेंट पाया जाता है जो कि एंटी कैंसरेस होता है| नई रिसर्च बताती है कि लाल रंग के जो पिगमेंट होते है फलो में और सब्जियों में ये कैंसर रोधी होते है| याने कैंसर को रोकने में या उससे जूझ रहे पेसेंट को बेहतर सेहत देने में मदद करते है तो ये पारंपरिक ज्ञान है जिसको आधुनिक विज्ञान भी मान रहा है. डॉ दीपक आचार्य@9824050784.
Posted on: Apr 19, 2018. Tags: DEEPAK ACHARYA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: बरगद के पेड़ की बुख़ार में उपयोगिता...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-करसी, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से रूपलाल मरावी गाँव के राम सेवक पैकरा से बात कर रहे है. वह उन्हें बरगद के पेड़ की उपयोगिता के बारे में बता रह है, बरगद का पेड़ लगभग हर गाँव में पाया जाता है इसका फल उपयोगी होता है, उसकी छाया भी उपयोगी होती है, और बरगद का दूध जिस व्यक्ति को बुख़ार हो उसकी नाभि में लेप लगाने से बुख़ार कम हो जाता है. बरगद का फ़ल भी पौष्टिक होता है इसे खाने से भी लाभ होता है. इस तरह हमाए आसपास की वनस्पतियों में बहुत गुण है जिनकी जानकारी हम लोगों को होनी चाहिए
Posted on: Apr 17, 2018. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: सराई के फूल से बीमारियों के उपचार...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-चिनरा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से बाबूलाल नेटी गाँव के कुछ वरिष्ठ जनों से बात कर रहे है जिसमें गाँव के रामभगत उनको बता रहे है कि यहाँ पर कई प्रकार के फ़ल, फूल एवं प्राकृतिक चीजें मिलती है जैसे सराई, साजा, ढेहल्वा, महुआ आदि. उनमे से सराई के बारे में जानकारी दे रहे है जिसको खाने से अनेक प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिलता है. सराई के फूल को उबालकर खाने से पेचिस की समस्या से पीड़ित व्यक्ति ठीक हो जाता है, या फिर कच्चे फूल को पीसकर पानी के साथ पीने से भी वह ठीक हो जाते है.
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पथरी का घरेलू उपचार-
वैद्य एच.डी. गांधी, रायपुर (छत्तीसगढ़) से पथरी रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, पत्थरचून जिसे पत्थर चट्टा, जख्मे हयात, परमवीज, हिमसागर के नाम से जाना जाता है, उसकी पत्ती मोटी होती है और घर में गमले के लगाया जा सकता है यह नमी मिट्टी में रखे रहने पर अपने सभी कोने से पौधे निकलती है, स्वाद में खट्टी होती है, उसके 100 ग्राम पत्ती को पीसकर, सुबह खाली पेट पानी के सांथ ले, 21 दिन तक लगातार सेवन करने से पथरी रोग में आराम मिलता है, सुबह खाली पेट एक गिलास दूध पी सकते हैं, शाम को कुल्थी की दाल को 100 ग्राम एक लीटर पानी में उबाल ले जब एक पाव बच जाए तो गुन-गुना कर शाम को सोने के समय पीना चाहिए, बैगन, टमाटर, तेल, खटाई, गरिष्ट भोजन, नशा का प्रयोग ना करें| गांधी@9111061399
